सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण महत्वपूर्ण: प्रो. प्रसाद

 


जोधपुर, 25 मई (हि.स.)। फैशन की दुनिया तेजी से बदल रही है। आज के दौर में सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरण अनुकूल तकनीक और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सबसे महत्वपूर्ण है। यह कहना था निफ्ट जोधपुर के निदेशक प्रो. जीएचएस प्रसाद का। वे सोमवार को निफ्ट की ग्रेजुएशन सेरेमनी में बोल रहे थे।

प्रो. प्रसाद ने कहा कि संस्थान ने आपको न केवल तकनीकी कौशल और डिजाइन की समझ दी है, बल्कि आपको वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक विजन भी प्रदान किया है।

इस ग्रेजुएशन सेरेमनी में निफ्ट के फैशन मैनेजमेंट स्टडीज, फैशन कम्यूनिकेशन, टेक्स्टाइल डिजाइन, फैशन डिजाइन, फैशन टेक्नोलॉजी एवं एक्सेसरी डिजाइन विभाग के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी डिजाइन की गई वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई और प्रजेंटेशन दिया।

कार्यक्रम में फैशन प्रबंधन अध्ययन विभाग के मुख्य अतिथि आईआईएम, उदयपुर के निदेशक प्रो. अशोक बनर्जी, विशिष्ट अतिथि मैक्स फैशन इंडिया के बिजनेस हेड कुणाल सम्मी, फैशन प्रौद्योगिकी विभाग में मुख्य अतिथि साहू एक्सपोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के सीओओ धर्मेंद्र सिंह और विशिष्ट अतिथि जाजा सॉफ्टवेयर के संस्थापक जावेद अख्तर, फैशन एवं लाइफस्टाइल एक्सेसरी विभाग के विशिष्ट अतिथि माइकल आरम की हेड डिजाइनर निमिशा सोनी और कल्चर क्राफ्ट और फर्नीचर डिजाइन के संस्थापक वैभव शर्मा, टेक्सटाइल विभाग के विशिष्ट अतिथि आर्ट इंडिया की चीफ क्रिएटिव आफिसर शर्मिला मणिकम और फैशन कम्युनिकेशन विभाग के मुख्य अतिथि यूसीबी के विजुअल मर्चेंडाइजिंग हेड डॉ. दीपक चक्रवर्ती और विशिष्ट अतिथि गोइज अर्गी के फाउंडर रूपिन सूचक ने अपने विचार रखें।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश