सहकारी संस्थाओं में भ्रष्टाचार पर सख्त हुई सरकार

 


जयपुर, 27 मई (हि.स.)। राज्य सरकार ने सहकारी संस्थाओं में गबन, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने गृह विभाग, पुलिस और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों को कहा है कि सहकारिता विभाग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बुधवार को जयपुर स्थित शासन सचिवालय के चिंतन सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री दक ने सहकारी संस्थाओं और विभागीय कार्यालयों में दर्ज गबन, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में गृह विभाग, पुलिस, एसीबी और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गबन और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जांच में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में कार्रवाई के साथ-साथ गबन की राशि की वसूली भी की जाए। उन्होंने विशेष रूप से फर्जीवाड़े और बड़े घोटालों के मामलों में पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि केवल मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि ऐसे मामलों में शामिल सहयोगियों और उनके नाम पर बनाई गई संपत्तियों की भी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

गौतम कुमार दक ने कहा कि गंभीर मामलों में जिस मंशा से एफआईआर दर्ज करवाई जाती है, उसी गंभीरता के साथ कार्रवाई भी होनी चाहिए। उन्होंने बिना पर्याप्त आधार के एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाने पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे गलत संदेश जाता है और जनता का भरोसा कमजोर होता है।

उन्होंने निर्देश दिए कि अपराध प्रमाणित होने पर समय पर न्यायालय में चालान पेश किए जाएं और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। सहकारिता मंत्री ने पुलिस मुख्यालय स्तर पर ऐसे मामलों की निगरानी के लिए अलग सेल बनाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सहित कई मामलों में बड़े फर्जीवाड़े सामने आए हैं, जिनसे विभाग की छवि प्रभावित हुई है। ऐसे मामलों में विशेष निगरानी और सख्त कार्रवाई जरूरी है।

उन्होंने ई-मित्र संचालकों और बैंक खाते किराये पर देने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए, जो फर्जीवाड़े में शामिल पाए जाते हैं। मंत्री दक ने कहा कि सहकारी संस्थाओं पर किसानों और आमजन का विश्वास बना रहना बेहद आवश्यक है। इसके लिए वित्तीय अनुशासन, नियमित ऑडिट, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भविष्य में अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद करेगी।

बैठक में सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने बताया कि गबन और अनियमितताओं के मामलों में विभाग पहले सहकारी अधिनियम की धाराओं के तहत जांच करता है। केवल गंभीर प्रकृति के मामलों में ही एफआईआर दर्ज करवाई जाती है।

उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों में आरोपी पहले से चिन्हित होते हैं, इसलिए पुलिस स्तर पर त्वरित कार्रवाई संभव है। सख्त कार्रवाई से निचले स्तर तक स्पष्ट संदेश जाएगा और भविष्य में गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा।

बैठक में पुलिस और एसीबी अधिकारियों ने लंबित मामलों के तेजी से निस्तारण और कार्रवाई में गति लाने का भरोसा दिलाया।

बैठक में पुलिस महानिरीक्षक गृह विभाग दीपक कुमार, डीआईजी सीआईडी-सीबी दीपक भार्गव, राजफेड प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी, एसीबी पुलिस अधीक्षक गोरधन लाल, संयुक्त शासन सचिव प्रह्लाद सहाय नागा और एडिशनल डीसीपी नीतिराज सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित