श्री प्रेमभाया महोत्सव 11 मार्च से: परकोटे में गूंजेंगी ढूंढाड़ी भजनों की स्वर लहरियां
जयपुर, 07 मार्च (हि.स.)। हेरिटेज सिटी जयपुर की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए 86वां श्री प्रेमभाया महोत्सव 11 से 14 मार्च 2026 तक युगल कुटीर, जयलाल मुंशी का रास्ता चांदपोल बाजार में आयोजित होगा। चार दिवसीय इस भक्ति संगीत समारोह में 250 से अधिक ढूंढाड़ी भजनों की प्रस्तुतियां होंगी। जिनमें देश-प्रदेश के भजन गायक, संगीतज्ञ और वाद्य विद्वान अपनी संगीतमय हाजिरी लगाएंगे।
समिति के संरक्षक विजय किशोर शर्मा ने बताया कि शीतला अष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाला यह महोत्सव जयपुर का एक विशिष्ट भक्ति संगीत समारोह बन चुका है, जिसकी प्रतीक्षा देश-दुनिया में बसे भक्त वर्षभर करते हैं।
समिति के अध्यक्ष दुर्गा चौधरी ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत 11 मार्च को दिन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री प्रेमभाया सरकार के पंचामृत अभिषेक और नवीन पोशाक धारण कराने से होगी। इसके बाद 11, 12 और 13 मार्च को रात 8 बजे से पूरी रात भक्ति संगीत समारोह आयोजित होगा, जिसमें देश-प्रदेश के प्रसिद्ध भजन गायक अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
इसके साथ ही 12, 13 और 14 मार्च को दिन में महिला मंडलों द्वारा भक्ति संगीत का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के अंतिम दिन 14 मार्च को शाम 7 बजे नगर कीर्तन निकाला जाएगा, जो सत्संग स्थल से शुरू होकर परकोटे के विभिन्न मार्गों से होता हुआ अगले दिन सुबह 7 बजे पुनः सत्संग स्थल पहुंचकर सम्पन्न होगा।
भक्त कवि पंडित युगल किशोर शास्त्री ने वर्ष 1940 में जयपुर की ढूंढाड़ी भाषा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को “श्री प्रेमभाया सरकार” नाम देकर भक्ति की इस परंपरा की शुरुआत की थी। तब से युगल कुटीर में प्रत्येक शनिवार को नियमित सत्संग का आयोजन होता आ रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश