श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में सीटू का आंदोलन तेज करने का ऐलान
डूंगरपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। राज्य सरकार की कथित श्रमिक विरोधी नीतियों और श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों के विरोध में बिल्डिंग वर्कर्स एवं कारीगर मजदूर यूनियन (सीटू) की जिला कमेटी ने मंगलवार को नेहरू पार्क में बैठक आयोजित कर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। यूनियन ने कहा कि यदि सरकार ने श्रमिक हितों के विपरीत निर्णय वापस नहीं लिए तो जिलेभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
यूनियन के जिलाध्यक्ष अमृतलाल यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्माण मजदूरों और कारीगरों की समस्याओं पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए श्रम कानूनों को कमजोर कर रही है, जिससे निर्माण क्षेत्र के मजदूरों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में निर्माण श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, न्यूनतम वेतन में वृद्धि, बोनस का समय पर भुगतान, श्रम कानूनों में किए गए कथित मजदूर विरोधी संशोधनों को वापस लेने तथा श्रमिक कार्डों और उनसे जुड़ी तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई। बैठक में कमला शंकर, जीवा भाई, हरीश, दिनेश, लक्ष्मण, ईश्वर, मोहनलाल, शंकर भाई, कांतिलाल, पुकारा, मनीषा, इंद्रा, सुरेन्द्र, हकरा और लाला सहित बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी एवं श्रमिक उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष