श्रद्धालुओं ने की बड़ली भैरू मंदिर से बैजनाथ तीर्थ तक की पद यात्रा
जोधपुर, 28 मई (हि.स.)। हिन्दू सेवा मण्डल जोधपुर द्वारा निकाली जा रही भोगिशैल परिक्रमा पद यात्रा आज सुबह बड़ली भैरू मंदिर से रवाना होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए बैजनाथ तीर्थ तक पहुंची। यहां पर दिन व रात का विश्राम दिया गया। इस दौरान पूर्व महारानी महारानी हेमलता राज्ये ने भी सैनाचार्य अचलानंद महाराज के सानिध्य में परिक्रमा पदयात्रा शुरू कर बैजनाथ तीर्थ स्थल तक परिक्रमा की।
भोगिशैल परिक्रमा आयोजन समिति के सचिव विष्णुचन्द्र प्रजापत ने बताया कि परिक्रमा ध्वज बड़ली से प्रस्थान कर सोढ़ों की ढाणी, रूपावतों का बेरा, बैजनाथ महादेव मंदिर पहंचा। यहां दिन व रात्रि विश्राम किया गया। सैनाचर्य अचलानंदगिरी महाराज के सानिध्य में हेमलता राज्ये ने अपनी परिक्रमा यात्रा जारी रखते हुए परिक्रमा मार्ग के मन्दिरों में दर्शन किए।
हेमलता राज्ये सैनाचार्य अचलानंद व अन्य श्रद्धालु महिलाओं व पुरुषों के साथ बिना किसी थकान के लगातार सुबह परिक्रमा शुरू करती है और परिक्रमा के अंतिम पड़ाव तक पदयात्रा कर रही है। अपने साथ पैदल चलने वाली महिलाओं का भी उनके द्वारा उत्साहवर्धन किया जाता है। वर्ष 2012 में भी उन्होंने भोगिशैल परिक्रमा की थीद्ध वहीं वह रामदेवरा तक भी पदयात्रा कर चुकी है।
जगह-जगह हुआ भावभीना स्वागत
गुरुवार को पदयात्रा के दौरान हेमलता राज्ये व सैनाचार्य अचलानन्द जिस जगह से भी गुजरते उन्हें ढोल थाली बजाकर, मालाएं, पुष्प वर्षा करके भावभीना स्वागत किया गया। शरबत, नींबू पानी, नाश्ता, फ्रूट क्रीम, ठंडा, पानी की बोतलों, मतीरा व मिल्क शेक की मनवार की जाती रही। सोढो की ढाणी में आज परिक्रमा की धर्म ध्वजा पहुंचने पर जसवंत सिंह सोलंकी के नेतृत्व में स्वागत किया गया।
शुक्रवार सुबह चार बजे बैजनाथ मंदिर से परिक्रमा प्रारंभ होगी। उसके बाद मंडलनाथ महादेव, कुण्डली माता, बीएसएफ, जोगी तीर्थ, दईजर माता मंदिर होते हुए बेरीगंगा पहुंचेगी। दिन एवं रात्रि विश्राम बेरीगंगा क्षेत्र में रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश