विशेष सघन स्क्रीनिंग अभियान : दो दिन में एक लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड का निरीक्षण

 


जयपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेशभर में प्रत्येक गर्भवती महिला को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए सघन निरीक्षण अभियान के तहत दो दिन में 1 लाख 6 हजार 264 गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड का निरीक्षण कर 15 हजार 504 हाईरिस्क प्रेग्नेंसी महिलाओं के रिकॉर्ड की समीक्षा की गयी है। प्रदेशभर में 6 हजार 794 गर्भवती महिलाओं का रियल-टाइम सत्यापन एवं साक्षात्कार कर मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया गया।

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि इस अभियान में जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी से लेकर ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, फील्ड स्तर पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक व पीएचसी आशा सुपरवाईजर द्वारा सघन मॉनिटरिंग एवं समीक्षा की जा रही है। गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में कार्यरत 10 हजार 49 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, 22 हजार 355 एएनएम एवं 54 हजार 431 आशा सहयोगिनियां के माध्यम से अभियान संचालित किया जा रहा है।

श्रीमती राठौड़ ने बताया कि प्रदेशभर में दो दिन में 3 हजार 808 स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण एवं गुणवत्ता मूल्यांकन भी किया गया है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, प्रसव पूर्व जांच, रिकॉर्ड संधारण तथा सेवा गुणवत्ता का आकलन किया गया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के आधार पर कमियों की पहचान कर संबंधित संस्थानों को सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। गुरूवार को आंगनबाडी से लेकर सभी चिकित्सा संस्थानों पर एमसीएचएन सेशन आयोजित किए गए हैं।

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे इस विशेष सघन अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में प्रसव पूर्व जांच सेवाओं की सघन मॉनिटरिंग के साथ-साथ उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की मैपिंग एवं ट्रैकिंग की जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीकरण, न्यूनतम चार एएनसी जांचों की उपलब्धता, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित फॉलोअप, प्रभावी रेफरल तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना है।

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि सभी निरीक्षणों का विवरण निर्धारित सुपरविजन पोर्टल पर उसी दिन दर्ज किया जा रहा है। हाई रिस्क प्रेगनेंसी की नामवार समीक्षा कर संबंधित एएनएम से मैपिंग की जा रही है। तृतीय तिमाही की सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर रेफरल तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव की पूर्व योजना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला की संभावित प्रसव तिथि, आवश्यक एएनसी सेवाओं की उपलब्धता तथा रेफरल की स्थिति की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि कोई भी महिला आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। साथ ही जिला, खंड एवं सेक्टर स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, उपचार, रेफरल एवं प्रसव पूर्व तैयारियों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव