विकसित भारत मिशन-2047 पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस, 100 शोध पत्र प्रस्तुत
जयपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। स्वामी विवेकानंद बालिका शिक्षा प्रचार समिति, जयपुर और महर्षि अरविंद इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वावधान में विकसित भारत मिशन-2047 के संदर्भ में व्यवसाय, अर्थशास्त्र और प्रौद्योगिकी के शासन में उभरती प्रवृत्तियों पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन मंगलवार को अंबाबाड़ी स्थित महर्षि अरविंद इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट में हुआ। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन देश-विदेश के शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने लगभग 100 शोध पत्र प्रस्तुत किए।
समिति के अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र मौर्य और कॉन्फ्रेंस की संयोजक डॉ. रुबीना साजिद ने बताया कि उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर निमित्त चौधरी रहे। गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जनक सिंह मीणा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। महर्षि अरविंद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक डॉ. भरत पाराशर, महर्षि अरविंद विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रोफेसर एस.सी. जैन और महर्षि अरविंद इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट के कंप्यूटर एवं आईटी विभाग के प्राचार्य प्रोफेसर डी.पी. शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे।
श्रीलंका के यूनिवर्सिटी ऑफ रूहाना की प्रोफेसर इंडि अकुरुगोड़ा ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि मानव और भौतिक संसाधनों के उचित समन्वय से ही निर्धारित विकास लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर निमित्त चौधरी ने कहा कि समन्वय और सहयोग में शक्ति निहित है।
महर्षि अरविंद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक डॉ. भरत पाराशर ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प अनुशासित कार्ययोजना के माध्यम से ही साकार किया जा सकता है। गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जनक सिंह मीणा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नियोजन के साथ कुशल प्रशासन भी आवश्यक है।
कॉन्फ्रेंस के आयोजन सचिव डॉ. मयंक शर्मा ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में व्यवसाय, अर्थशास्त्र और प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश