राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में कार्यशाला में 30 चिकित्सकों ने लिया प्रशिक्षण
जयपुर, 30 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में “कौशलम 2.0” कार्यक्रम के तहत आयुर्वेद शिक्षकों एवं चिकित्सकों की कार्यकुशलता, व्यवहार कौशल और नेतृत्व क्षमता के विकास के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन गुरूवार काे किया गया। इस कार्यशाला में 30 चिकित्सकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संस्थान के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि “समय से पहले और भाग्य से ज़्यादा उन्हें ही मिलता है जो निरंतर मेहनत करते हैं।” उन्होंने चिकित्सकों को ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक और नेतृत्व कौशल विकसित करने पर जोर दिया, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रभावी संवाद, टीम वर्क, समय प्रबंधन और नेतृत्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर क्रिएटिव व रोचक सत्र आयोजित किए। प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने कौशल और नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाया।
“कौशलम 2.0” पहल का उद्देश्य आयुर्वेदिक चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार लाना और चिकित्सकों को नई चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश