राजस्थानी लेखिका संस्थान का वार्षिक साहित्यिक आयोजन ‘साळीणो–उछब’ 28 जून को
जयपुर, 26 जून (हि.स.)। राजस्थानी लेखिका संस्थान (रालेस) की ओर से वार्षिक साहित्यिक आयोजन ‘साळीणो–उछब’ का आयोजन 28 जून को प्रौढ़ शिक्षण समिति के झालाना परिसर में किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य राजस्थानी भाषा एवं साहित्य को नई पीढ़ी से जोड़ना, महिला रचनाकारों को सशक्त मंच प्रदान करना तथा साहित्यिक संवाद को नई ऊर्जा देना है।
कार्यक्रम संयोजक मोनिका गौड़ ने बताया कि आयोजन में प्रदेशभर के वरिष्ठ एवं युवा साहित्यकार भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन एवं सम्मान समारोह प्रातः 10:15 बजे होगा। इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार दमयंती कछवाहा करेंगी। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार सत्यदेव संवितेंद्र तथा विशिष्ट अतिथि दिनेश कुमार जांगिड़ 'सारंग' होंगे। चळकोई फाउंडेशन के अध्यक्ष राजवीर सिंह चळकोई बीज वक्तव्य देंगे, जबकि संस्थाध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शारदा कृष्ण स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करेंगी।
आयोजन के अंतर्गत लोकार्पण एवं पुस्तक चर्चा सत्र भी होगा। इस अवसर पर डॉ. शारदा कृष्ण की कृति ‘घर कीं कैवणो चावै’ का लोकार्पण किया जाएगा। वहीं जीनस कंवर की पुस्तक ‘रेत नै बणा आरसी’ पर युवा साहित्यकार सुनीता बिश्नोलिया तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दर्शना कंवर 'उत्सुक' चर्चा प्रस्तुत करेंगी। सत्र का संचालन संतोष चौधरी तथा अध्यक्षता डॉ. घनश्याम नाथ कच्छावा करेंगे।
संस्थान की अभिलाषा पारीक ने बताया कि ‘राजस्थानी युवा कविताई रा सुर’ सत्र में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवा रचनाकार अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। इनमें अक्षिता (बीकानेर), अनिता सैनी (सीकर), अवंतिका (ब्यावर), जेठानंद पंवार (बाड़मेर), कपिला पालीवाल (जयपुर), गजराज कंवर (नागौर), मीनाक्षी पारीक (रींगस) तथा कृष गौड़ (जयपुर) शामिल हैं। इस सत्र का संचालन कामना राजावत करेंगी।
संस्थान की बिमला नागला के अनुसार समापन सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र मोहन शर्मा करेंगे। मुख्य अतिथि डॉ. आशा पांडे ओझा तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. सुशीला शील होंगी। समापन सत्र का संचालन मधुर परिहार करेंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव