राजस्थान पंचायत चुनाव: दूसरे चरण में 22 जिलों में मतदान जारी, कई बूथों पर ईवीएम खराब होने से बाधित हुई वोटिंग
जयपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान में पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के दूसरे चरण के तहत बुधवार को 22 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान जारी है। सुबह 7 बजे शुरू हुए मतदान में 22 जिला परिषदों के 352 वार्डों और 124 पंचायत समितियों के 2197 वार्डों में सदस्य चुनने के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान के शुरुआती घंटों में कई स्थानों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, वहीं कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रभावित हुआ।
दौसा जिले के महवा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पीपलखेड़ा के करणपुर गांव में परिसीमन के विरोध में ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया। ग्रामीणों का विरोध इस बात को लेकर है कि परिसीमन के दौरान करणपुर गांव को ग्राम पंचायत पाटोली से हटाकर पीपलखेड़ा में शामिल कर दिया गया। इस निर्णय से नाराज ग्रामीणों ने मतदान नहीं करने का फैसला किया।
मतदान के दौरान जोधपुर जिले की तिंवरी पंचायत समिति के वार्ड संख्या-2 और डऊकिया बास गांव के बूथ संख्या-9 पर ईवीएम में खराबी आने से करीब आधे घंटे तक मतदान रुका रहा। मशीनें ठीक होने के बाद मतदान दोबारा शुरू कराया गया। अजमेर में लॉ कॉलेज स्थित बूथ संख्या-57 और 58 पर भी ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतदान शुरू होने में देरी हुई।
किशनगढ़ के सिलोरा सहित अन्य मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें नजर आईं।
झुंझुनूं जिले की सिंघाना पंचायत समिति के मुरादपुर गांव में बूथ संख्या-71 पर ईवीएम बार-बार खराब होने से मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, मशीन एक वोट पड़ने के बाद खराब हुई और दोबारा शुरू होने के बाद 21 वोट पड़ने पर फिर बंद हो गई। इसके चलते मतदान केंद्र पर मतदाता लाइन में खड़े होकर मशीन ठीक होने का इंतजार करते रहे।
दौसा जिले के बसवा, बांदीकुई, पावटा और मनोहरपुर-खेड़ला क्षेत्र के कई बूथों पर भी ईवीएम में तकनीकी खामी सामने आई। बांदीकुई के कुछ मतदान केंद्रों पर मशीनें बदलनी पड़ीं। डूंगरपुर जिले के बिलड़ी स्कूल स्थित बूथ संख्या-41 पर भी ईवीएम खराब होने से लगभग 35 मिनट बाद मतदान शुरू हो पाया। सीकर जिले की खंडेला पंचायत समिति के बूथ संख्या-46 पर मशीन खराब होने से करीब 20 मिनट की देरी हुई।
सीकर जिले में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपने पैतृक गांव भारनी के मतदान केंद्र संख्या-54 पर मतदाताओं की कतार में लगकर मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से सत्ता के दुरुपयोग के लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। खर्रा ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों से सभी परिचित हैं।
परिवार के सदस्यों के भाजपा के विरुद्ध चुनाव लड़ने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि चुनाव परिणाम आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इस चरण में उनकी पत्नी शांति देवी खर्रा, बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा, छोटे बेटे अजय सिंह खर्रा और छोटे भाई की पत्नी प्रतिमा खर्रा के राजनीतिक भविष्य का भी फैसला होना है।
महवा विधायक राजेंद्र मीणा ने मनोहरपुर गांव स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने क्षेत्र के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अनिवार्य रूप से मतदान करने की अपील की।
अजमेर जिले के घूघरा गांव में पहली बार मतदान करने पहुंचीं 18 वर्षीय पलक ने मतदान को खास अनुभव बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुने गए प्रतिनिधि गांव के विकास के लिए काम करेंगे। वहीं, सीकर जिले के गणेश्वर मतदान केंद्र पर 95 वर्षीय माली देवी को उनके परिजन गोद में लेकर मतदान कराने पहुंचे। इससे मतदान के प्रति लोगों की भागीदारी और उत्साह की तस्वीर सामने आई।
कोटा जिले की खैराबाद पंचायत समिति के सातलखेड़ी गांव सहित कई क्षेत्रों में सुबह से मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं।
इस चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, स्थानीय राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। मतदान के बाद निर्वाचित पंचायत समिति सदस्य आपस में मतदान कर प्रधान का चुनाव करेंगे, जबकि जिला परिषद के निर्वाचित सदस्य जिला प्रमुख चुनेंगे। ऐसे में दूसरे चरण का परिणाम ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरणों और स्थानीय नेतृत्व की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन की ओर से ईवीएम में आई तकनीकी खामियों को दूर कर प्रभावित मतदान केंद्रों पर मतदान सुचारू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित