राजस्थान निकाय चुनाव: 301 अध्यक्षों के नतीजे घोषित, भाजपा के 198; सात में से छह मेयर भी भाजपा के
जयपुर, 21 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के तहत अब तक 301 निकायों के महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इनमें भाजपा के 198, कांग्रेस के 94, निर्दलीय के सात तथा आम आदमी पार्टी (आप), माकपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के एक-एक उम्मीदवार अध्यक्ष बने हैं। शेष निकायों के परिणाम आने के साथ तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
महापौर चुनाव में भाजपा ने सात नगर निगमों में से छह में अपना महापौर बनाने में सफलता हासिल की, जबकि कांग्रेस को केवल बीकानेर में सफलता मिली। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों के महापौर का चुनाव 25 सितंबर को होना है। भरतपुर और भीलवाड़ा में भाजपा के महापौर पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
अजमेर और पाली में वार्ड चुनाव के दौरान कांग्रेस के पास भाजपा से अधिक पार्षद होने के बावजूद महापौर पद भाजपा के खाते में गया। अजमेर के 80 सदस्यीय निगम में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और निर्दलीयों के 11 पार्षद जीते थे। इसके बावजूद महापौर चुनाव में भाजपा की अनामिका शर्मा को 43 और कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले।
पाली में भी कांग्रेस 29 पार्षदों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी, जबकि भाजपा के 21 और निर्दलीयों के 15 पार्षद थे। महापौर चुनाव में भाजपा की नमिता बुबकिया को 33 वोट मिले और वह विजयी रहीं। निर्दलीय राजबाला हिंगड़ को 29 तथा कांग्रेस की सुमित्रा जैन को महज तीन वोट मिले। उदयपुर में भाजपा के पारस सिंघवी महापौर बने। उन्हें 55 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की डॉ. पूनम कुंवर को 25 वोट मिले। यहां भाजपा के 53 पार्षद निर्वाचित हुए थे।
अलवर में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल ने कांग्रेस की कमलेश शर्मा को हराया। अग्रवाल को 42 और शर्मा को 23 वोट मिले। 65 सदस्यीय निगम में भाजपा के 28 और कांग्रेस के 23 पार्षद थे। बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के अनिल कल्ला महापौर चुने गए। वह पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे हैं। 80 सदस्यीय निगम में कांग्रेस के 42 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के 27, निर्दलीय 10 और आरएलपी का एक पार्षद है। कांग्रेस ने अपने संख्या बल के आधार पर महापौर पद हासिल किया।
बारां जिले की अटरू नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस की निशा नैनीवाल ने भाजपा प्रत्याशी कृष्ण मुरारी दिलावर को तीन वोट से हराया। दिलावर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के भाई हैं। नैनीवाल को 14 और दिलावर को 11 वोट मिले। अटरू के 25 वार्डों में कांग्रेस के 14, भाजपा के 10 और एक निर्दलीय पार्षद चुना गया था।
इन परिणामों में कई निकायों में वार्ड चुनाव में बने दलगत संख्या-बल और अध्यक्ष पद के परिणाम में अंतर सामने आया है। खासकर अजमेर और पाली में कांग्रेस के अधिक पार्षद होने के बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद हासिल करने में सफल रही, जबकि बीकानेर में कांग्रेस अपने पार्षद संख्या-बल को महापौर पद में बदलने में कामयाब रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित