रक्षाबंधन पर भी नहीं थमा टिकटों का मंथन, आज तीन संभागों पर रायशुमारी; अजमेर-उदयपुर की पहली सूची संभव
जयपुर, 28 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में होने वाले चुनाव को लेकर भाजपा में टिकटों के बंटवारे पर मंथन का दौर रक्षाबंधन के दिन भी जारी है। जयपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में शुक्रवार को बीकानेर, कोटा और जोधपुर संभाग के निकायों के टिकटों पर रायशुमारी होगी। वहीं भरतपुर और जयपुर संभाग के टिकटों की समीक्षा शनिवार को की जाएगी। टिकटों को लेकर पार्टी एक-एक वार्ड के दावेदारों पर चर्चा कर रही है, ताकि चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम सहमति बनाई जा सके।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल के अनुसार अजमेर और उदयपुर संभाग की रायशुमारी पूरी हो चुकी है और इन दोनों संभागों के निकायों की पहली सूची शुक्रवार देर रात जारी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन प्रदेश स्तर पर सभी पक्षों की राय सुनने के बाद ही टिकटों पर फैसला लिया जा रहा है।
अजमेर संभाग के निकायों को लेकर गुरुवार को हुई रायशुमारी के दौरान देवली, टोंक और नागौर के टिकटों पर विवाद की स्थिति भी बनी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के सामने स्थानीय विधायक और जिलाध्यक्ष ने एक-दूसरे के समर्थकों को टिकट देने के आरोप लगाए। बाद में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से प्रत्याशियों के नाम तय किए गए। वहीं देरी और केंद्रीय मंत्री के बैठक में नहीं पहुंच पाने के कारण गुरुवार को बीकानेर संभाग के टिकटों पर मंथन नहीं हो सका था। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के पहुंचने के बाद बीकानेर संभाग की बैठक शुरू हुई।
अजमेर में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे चुके पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत ने चुनावी मैदान में अपनी पत्नी हेमलता गहलोत को उतारने की तैयारी कर ली है। गहलोत ने पार्षद पद के लिए फॉर्म लिया है और ओबीसी के लिए आरक्षित वार्ड-4 से हेमलता गहलोत को निर्दलीय चुनाव लड़ाने की घोषणा की है। धर्मेन्द्र गहलोत भाजपा के टिकट पर वर्ष 2005 और 2015 में मेयर रह चुके हैं।
इसी तरह भाजपा से बगावत कर विधानसभा चुनाव लड़ चुके ज्ञान सारस्वत भी इस बार निर्दलीय पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वे अनारक्षित वार्ड-1 से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, जबकि उनकी बेटी हर्षिता सारस्वत ने वार्ड-3 से निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए फॉर्म लिया है। ज्ञान सारस्वत ने अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा था और उन्हें 26,352 वोट मिले थे।
धौलपुर की राजाखेड़ा नगर पालिका में भी चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। यहां वार्ड-22 से सगे भाइयों मुनेंद्र और श्रीकांत ने नामांकन दाखिल किया है। निकाय चुनाव के पहले दिन राजाखेड़ा में कुल तीन नामांकन दाखिल हुए, जिनमें वार्ड-1 से ललिता तथा वार्ड-22 से दोनों भाई शामिल हैं।
उधर जालोर के आहोर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को झटका लगा है। देबावास गांव के पूर्व सरपंच किशोर कुमार वैष्णव सहित भाजपा के 13 पदाधिकारी और कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हो गए। गुरुवार शाम जालोर स्थित राजीव गांधी भवन में उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस नेताओं ने सभी का स्वागत किया।
सीकर में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अब तक प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है। पार्टी में बगावत के डर के चलते टिकटों के नामों को अंतिम समय तक गोपनीय रखा जा रहा है। कांग्रेस के निवर्तमान सभापति जीवण खां और उनकी पत्नी खतीजा बानो शनिवार को नामांकन दाखिल करने की तैयारी में हैं। दोनों ने क्रमश: वार्ड-15 और 16 से आवेदन किया है। निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है।
निकाय चुनाव में टिकटों की घोषणा से पहले ही कई जगह बगावत, परिवारवाद, सगे भाइयों के आमने-सामने आने और पुराने नेताओं के निर्दलीय मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। अब सबकी नजर भाजपा की अजमेर-उदयपुर संभाग की संभावित पहली सूची पर टिकी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित