यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष ने ज्ञापन फाडक़र एसडीएम के मुंह पर फेंका

 




मनरेगा बचाओ महासंग्राम पद यात्रा निकाली, जिला कलेक्टर के बाहर नहीं आने पर प्रदर्शन

जोधपुर, 20 जनवरी (हि.स.)। शहर जोधपुर में आज युवा कांग्रेस की ओर से मनरेगा बचाओ महासंग्राम पद यात्रा निकाली गई। साथ ही कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस के कार्यकर्ता जिला कलेक्टर को गेट पर आकर ज्ञापन लेने की मांग पर अड़ गए। जिला कलेक्टर की जगह एसडीए पंकज जैन ज्ञापन लेने के लिए बाहर पहुंचे तो यूथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और विधायक अभिमन्यु पुनिया ने ज्ञापन फाड क़र एसडीएम के मुंह पर फेंक दिया।

दरअसल मंगलवार को यूथ कांग्रेस देहात की ओर से मनरेगा बचाओ पदयात्रा का आयोजन किया गया था। आज दोपहर राजीव गांधी सर्किल नई सडक़ से जिला कलेक्टर कार्यालय तक पैदल यात्रा निकाली गई। जिसमें यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और विधायक अभिमन्यु पुनिया भी शामिल हुए। यहां पर रैली के रूप में वह कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर कार्यकर्ताओं की पुलिस से बहस भी हुई, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। तक वह जिला कलेक्टर के गेट पर आकर ज्ञापन लेने के लिए अड़ गए।

पुलिस ने कहा कि एसडीएम ज्ञापन लेने के लिए बाहर आ जाएंगे। इसके करीब एक घंटे बाद एसडीएम पंकज जैन ज्ञापन लेने के लिए बाहर आए तो गुस्साए यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष ने पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी की मौजूदगी में उनके मुंह पर मनरेगा को लेकर विभिन्न मांगों को लेकर तैयार किए गए ज्ञापन फाड़ कर फेंक दिया।

यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर एक घंटे तक ज्ञापन देने के लिए उन्हें पुलिस ने बाहर बिठा दिया। उन्हें बताया गया कि एसडीएम पंकज जैन ज्ञापन लेने बाहर आएंगे, लेकिन एक घंटे तक भी वो बाहर नहीं आए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध किया तो पंकज जैन अपने चैंबर से बाहर आए।

यूथ कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तैयार किया गया था। ज्ञापन में मनरेगा में की गई बजट कटौती वापस लेने की मांग की गई। इसके अलावा मजदूरों को समय पर पूर्ण भुगतान देने, ग्राम पंचायतों एवं ग्राम सभाओं के अधिकार बहाल करने, योजना में मौजूद सभी खामियों को दूर करने सहित सभी आधिकारिक दस्तावेजों में महात्मा गांधी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित रखने की मांग की गई थी। ऐसा नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश