युवा जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है— अर्जुनराम मेघवाल

 


अजमेर, 1 जून (हि.स.)। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि युवा जैसा सोचता है, अंततः वैसा ही बन जाता है। सकारात्मक विचार, अनुशासन और श्रेष्ठ संगति ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, उन्हें साकार करने के लिए कठिन परिश्रम करें तथा स्वामी विवेकानंद और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करें। मेघवाल अजमेर के जवाहर रंगमंच में आयोजित ‘विलक्षण प्रतिभा सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे।

अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल एवं पहल जन सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित समारोह में राज्य एवं केंद्रीय शिक्षा बोर्डों की 12वीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 520 विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मेघवाल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। सकारात्मक सोच व्यक्ति को श्रेष्ठता की ओर ले जाती है, जबकि नकारात्मकता निराशा को जन्म देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी क्षमता पर विश्वास रखने, अच्छे लोगों की संगति अपनाने तथा भारतीय जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने स्वयं नियमित रूप से साइकिल चलाने की बात कही तथा प्रकृति के निकट रहने को तनावमुक्त जीवन का आधार बताया।

केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और मितव्ययता भी आवश्यक हैं। प्रतिभाओं का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन नहीं, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को प्रेरित करने का माध्यम भी है। उन्होंने युवाओं से मोबाइल एवं डिजिटल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

विधायक अनिता भदेल ने बताया कि वर्ष 2022 में प्रारंभ किए गए इस सम्मान समारोह के माध्यम से अब तक 2,000 से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने और प्रोत्साहित करने की है। इस वर्ष 135 विद्यालयों से संपर्क कर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर 67 विद्यालयों के 520 विद्यार्थियों का चयन किया गया, जिन्हें मेडल, प्रमाण-पत्र एवं स्वामी विवेकानंद स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष