मैराथन से निकलेगा जयपुर की सफाई व्यवस्था का नया रुट मेप
जयपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। नगर निगम की ओर से शनिवार को सफाई सेवा मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। इस मैराथन में पूरे निगम प्रशासन के साथ एनजीओ, संगठन सहित आमजन हिस्सा लेंगे। इस मैराथन में उठने वाले कचरे सहित अन्य विषयों से जयपुर की सफाई का आगामी रुट मेप तैयार होगा। यह सफाई सेवा मैराथन शनिवार सुबह सात बजे से रात 9 बजे तक चलेगा। शुक्रवार को निगम आयुक्त ओम कसेरा ने पत्रकारों से वार्ता कर सफाई सेवा मेराथन स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों को लेकर अपनी बात रखी।
आयुक्त ने कहा कि सफाई सेवा मैराथन में प्राइवेट स्कूल, हॉस्पिटल सहित अन्य संस्थानों को अपने संसाधनों से साथ निगम की मदद करने का आह्वान किया गया है। सफाई सेवा मेराथन में अधिक से अधिक कचरा उठाने का प्रयास किया जाएगा और संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग कर बेहत्तर परिणाम देने का प्रयास किया जाएगा। जयपुर के 8 कचरा स्टेशन बने हुए है। यहां पर आने वाले कचरे का डेटा तैयार किया जाएगा। निगम आयुक्त ने इस अभियान में आमजन सहित अन्य सस्थानों, एनजीओ सहित अन्य को जुडऩे और सफाई में सहयोग की अपील भी की है। कचरा उठाने के आधार पर वार्डो की रैकिंग तय की जाएगा। रैकिंग के आधार पर पहले तीन वार्डो वाले सीएसएआई सहित अन्य सफाई कर्मचारियों का सम्मान किया जाएगा। प्रथम स्थान पर आने वाले सीएसआई को प्रोत्साहन राशि 21 हजार रुपए इसके साथ ही उस सीएसआई की टीम के अन्य एसआई को 11 हजार रुपए प्रत्येक जमादार को 11 सौ रुपए मिलेगे। इसी प्रकार दूसरे स्थान पर आने वाले सीएसआई को 11 हजार रुपए तथा उसकी टीम के एसआई को 5100 रुपए एवं प्रत्येक जमादार को 1100 रुपए मिलेगा। इसी प्रकार तृतीय स्थान पर आने वाले सीएसआई को 5100 रुपए उस सीएसआई की टीम के अन्य एसआई को 2100 रुपए एवं प्रत्येक जमादार को 1100 रुपए मिलेगा।
सीएसआर के तहत राजस्थान सोलर एसोसिएशन द्वारा यह प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सीएसआई को स्वच्छता हीरो ''स्टार ऑफ नगर निगम'' के रूप में सम्मानित किया जाएगा तथा अगले एक माह तक नगर निगम में उनकी फोटो भी होर्डिग के रूप में लगाई जायेगी जिससे अन्य कर्मचारी भी प्रेरणा ले सके। कचरा उठाने के लिए निगम बेड़े में शामिल होगा नया वेक्यूम वाहन हाल में दूसरे राज्यों में निगम द्वारा कचरा उठाने के लिए प्रयोग में लाए जा रहे उपकरणों का निरीक्षण किया गया। एक जगह पर कचरा उठाने के लिए वेक्यूम टाइप के वाहन का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रकार के तीन वाहन खरीदे गए है जो कि जल्द ही जयपुर निगम के बेड़े में शामिल होंगे।
निगम आयुक्त ओम कसेरा ने कहा कि सीवर की सफाई के लिए सेप्टिक टैंक में मजदूरों को उतरे दो मजदूरों की तबीयत खराब हो गई। कोर्ट की रोक के बावजूद सेप्टिक टैंक में मजदूरों को उतारने के मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है जांच के बाद दोषी अधिकारी, ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश