महिला आरक्षण बिल को बिना किसी शर्त तत्काल लागू करने की मांग तेज
बीकानेर, 09 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) द्वारा संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल को बिना किसी शर्त तत्काल लागू करने की मांग को लेकर देश भर में समर्थन अभियान चलाया जा रहा है। आज बीकानेर में अभियान के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं एवं नागरिकों ने ऑनलाइन समर्थन पत्र भरकर अपनी सहमति दर्ज कराई।
एडवा राजस्थान की महासचिव डॉ. सीमा जैन ने कहा कि यह अभियान महिला आरक्षण के पक्ष में मजबूत जनमत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि महिलाओं, महिला संगठनों और अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की महिलाएं अब राजनीतिक प्रतिनिधित्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया में अपना न्यायसंगत अधिकार चाहती हैं।
डॉ. जैन ने अभियान को मिले व्यापक समर्थन के लिए सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि महिलाओं की उस बुलंद आवाज़ का प्रतिबिंब है जो ऐतिहासिक अन्याय को समाप्त कर समान राजनीतिक भागीदारी की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि अब महिला आरक्षण को और टालने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि आगामी मानसून सत्र में संविधान संशोधन विधेयक तत्काल लाया जाए, ताकि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तों से अलग कर बिना किसी देरी के लागू किया जा सके। साथ ही वर्तमान लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की मौजूदा सीटों के आधार पर ही आगामी चुनावों से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जाए।
डॉ. सीमा जैन ने कहा कि सरकार को 'नारी शक्ति' के अपने दावों को वास्तविकता में बदलना चाहिए और महिला आरक्षण के मुद्दे का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग बंद करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण चाहिए—वह अभी चाहिए और बिना किसी शर्त के चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव