महाराणा प्रताप का जीवन आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति,आत्मसम्मान और परिश्रम का मार्ग दिखाता रहेगा:देवनानी
जयपुर, 16 जून (हि.स.)। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने महान राष्ट्रनायक और वीरता के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती पर समस्त प्रदेशवासियों से कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे युगपुरुष हैं जिन्होंने अपने मातृभूमि की रक्षा के लिए जीवन भर संघर्ष किया और कभी भी अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया। उनका साहस, स्वाभिमान और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
देवनानी ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता, स्वाभिमान और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका जीवन साहस, संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है। श्री देवनानी ने प्रदेश वासियों से आह्वान किया कि हम सभी महाराणा प्रताप के जीवन मूल्यों को आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
देवनानी ने कहा कि राजस्थान के स्कूलों के पाठ्यक्रम में बदलाव किए थे ताकि ये बदलाव राज्य और देश के गौरवपूर्ण इतिहास को उजागर कर सकें और विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता की भावना विकसित हो सकें। श्री देवनानी ने कहा कि उन्होंने विद्यालय के पाठ्यक्रम में परिवर्तन करते हुए मुगल सम्राट अकबर को महान के रूप में प्रस्तुत करने की बजाय महाराणा प्रताप को महान के रूप में शामिल किया। इस बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों को राजस्थान के गौरवपूर्ण इतिहास से जोड़ना और उनमें देशभक्ति की भावना विकसित करना था।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि महाराणा प्रताप के आदर्श हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, स्वाभिमान के साथ जीवन जीने तथा समाज और देश के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी आत्मसमर्पण नहीं किया और अपने अदम्य साहस एवं दृढ़ संकल्प से स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा की। उनका जीवन प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आहवान किया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें तथा सामाजिक समरसता, एकता और विकास के लिए मिलकर कार्य करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश