भीलवाड़ा में इतिहास रच गई संत दर्शन शोभायात्रा
भीलवाड़ा, 25 फ़रवरी (हि.स.)।
धरती पर जब-जब धर्म की ध्वजा फहरती है, तब इतिहास स्वयं साक्षी बनता है और बुधवार को भीलवाड़ा ने वही गौरवशाली क्षण जिया। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के अंतर्गत निकली संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा ने पूरे नगर को राममय, शिवमय और सनातनमय बना दिया। चारों ओर भगवा पताकाएं लहराईं, जयघोष गूंजे और श्रद्धा का ऐसा महासागर उमड़ा कि भीलवाड़ा सचमुच “आज की अयोध्या” बन गया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक था, बल्कि यह सनातन चेतना की ऐतिहासिक हुंकार थी। हजारों सनातनी भाई-बहन, बालक-बालिकाएं, माताएं-बहनें पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा में सम्मिलित हुए और नाचते-गाते हुए दीक्षार्थी इन्द्रदेव, सिद्धार्थ एवं कुनाल को मंगलकामनाएं अर्पित कीं। दीक्षार्थियों की नगर परिक्रमा का यह विराट दृश्य भीलवाड़ा के इतिहास में पहली बार देखने को मिला, जिसने शहर को आध्यात्मिक गौरव से भर दिया। यह आयोजन देश में अपनी तरह का पहला उदाहरण बनेगा।
उल्लेखनीय है कि इस आयोजन से भीलवाड़ा ने यह सिद्ध कर दिया कि जब आस्था जागती है, जब संतों का सान्निध्य मिलता है और जब जन-जन साथ चलता है, तब शहर नहीं संस्कृति चलती है, इतिहास बनता है।
प्रभात बेला में गूंजा “जय सनातन”-
बुधवार प्रातः अयोध्यानगर (दूधाधारी मंदिर) से जब शोभायात्रा निकली, तब मानो प्रभात सूर्य भी इस दिव्य यात्रा को नमन कर रहा था। संत-महापुरुषों के सान्निध्य में प्रभात फेरी मंडलियां, ढोल-नगाड़े, शंख-नाद और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ यात्रा आगे बढ़ी। नगर परिक्रमा करते हुए यह शोभायात्रा अपरान्ह में हरि शेवा धाम पहुंची। रास्ते भर पुष्पवर्षा हुई, तोरणद्वार सजे और घर-घर से आरती उतारी गई।
उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर गुरूशरणानंद महाराज रमणरेती गोकुल वन मथुरा सहित देश के कोने-कोने से आए सैकड़ों संतों के दर्शन से शहर धन्य हो उठा। शोभायात्रा में सांसद दामोदर अग्रवाल, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी तथा देश-विदेश से आए हरि शेवा धाम के अनुयायी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
शोभायात्रा की विशेष पहचान बनी नासिक, जम्मू और उड़ीसा की ढोल टीमों की दमदार प्रस्तुति, शिव बारात की दिव्य झांकी और उज्जैन से आई महाकाल की टीम के रोमांचक करतब। हर चौराहे पर तालियों की गड़गड़ाहट और “बम-बम भोले” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। भगवा ध्वजों से सजी सड़कें और भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालु यह दृश्य लोगों के मन-मस्तिष्क पर अमिट छाप छोड़ गया। शहर के बालक बालिकाओं के अखाड़ों के प्रदर्शन ने भी मनमोह लिया।
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने कहा कि दीक्षार्थियों की नगर परिक्रमा को लेकर भीलवाड़ा में जो उत्साह देखने को मिला, वह अभूतपूर्व है। हर गली, हर चौराहा, हर द्वार सनातन स्वागत में सज गया। लोग एक-दूसरे को गले लगाकर बधाइयां दे रहे थे और पूरा नगर सनातन एकता का जीवंत उदाहरण बन गया।
उन्होंने बताया कि 26 फरवरी गुरुवार को प्रातः 9 बजे से हरि शेवा आश्रम परिसर में भव्य दीक्षा दान समारोह आयोजित होगा। दोपहर 1 बजे से “एक संगत एक पंगत एक भाषा एक भूषा” के भाव के साथ विशाल समष्टि भंडारे का आयोजन अग्रवाल उत्सव भवन में किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद