भारतीय चिकित्सा प्रणाली पर राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार से

 


जोधपुर, 27 फरवरी (हि.स.)। भारतीय चिकित्सा प्रणाली को केंद्र में रखते हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 28 फरवरी से किया जा रहा है। यह सम्मेलन जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग, द्वारा आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का विषय भारतीय चिकित्सा प्रणाली है।

मनोविज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. हेमलता जोशी ने बताया कि यह सम्मेलन भारतीय चिकित्सा प्रणाली में मुख्य रूप में आयुर्वेद के पंचमहाभूत और विदोष सिद्धांत पर आधारित चिकित्मा पद्धति, योग के शरीर, मन और आत्मा के संतुलन हेतु आसन, प्राणायाम और ध्यान, प्राकृतिक चिकित्सा प्राकृतिक तत्वों से उपचार, ध्यान से मानसिक शांति और आत्मिक विकास के लिए माधना है। भारतीय चिकित्सा प्रणाली पर आयोजित सम्मेलन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करता है, बल्कि लोगों को प्राकृतिक और समग्र जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी करता है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, अनिद्रा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के समाधान में ये पद्धतियों अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। भारतीय चिकित्सा प्रणाली भारत की प्राचीन उपचार पद्धतियों का समग्र रूप है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस विषय पर आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य इन पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की समजना, बढ़ावा देना और आधुनिक संदर्भ में उनका महत्व स्थापित करना है।

सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का प्रचार-प्रसार, आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक चिकित्सा के बीच समन्वय, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा, जनस्वास्थ्य में वैकल्पिक, चिकित्सा की भूमिका पर चर्चा, युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोडऩा। इस दो दिवसीय सम्मेलन की आयोजन सचिव डॉ. अर्पिता ककूह ने बताया कि बार सम्मेलन के दूसरे दिन एक मार्च को विभाग की वार्षिक समारोह का भी आयोजन रखा गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश