बीज सैंपल रिश्वत प्रकरण पर कांग्रेस ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से मांगा इस्तीफा

 


जयपुर, 10 जून (हि.स.)। बीज कंपनियों के सैंपल पास कराने के बदले कथित रिश्वत लेने के मामले में एसीबी की कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट जारी कर कहा कि अब सफाई देने का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का समय है। पार्टी ने कहा कि यदि मंत्री के पास नैतिकता बची है तो उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, अन्यथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सीकर में संदीप नामक व्यक्ति पर मंत्री के नाम से लाखों रुपए की उगाही करने के आरोप लगे थे और पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था।

पार्टी का दावा है कि इसके बावजूद मंत्री उसके बचाव में सामने आए। कांग्रेस के अनुसार अब उसी व्यक्ति का नाम एसीबी जांच में भी सामने आया है।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि एसीबी द्वारा गिरफ्तार किए गए राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक जुगल किशोर विश्नोई की कथित बातचीत में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि इस बातचीत में रिश्वत और भुगतान से जुड़े संदर्भ सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

प्रदेश कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर संबंधित एफआईआर की प्रति भी साझा की है।

पार्टी का कहना है कि सीकर में उगाही के आरोपों और बाद की घटनाओं ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंत्री ने पहले सार्वजनिक रूप से संदीप और रजनीश की टीम के कार्यों की प्रशंसा की थी। पार्टी का कहना है कि अब जब संदीप का नाम कथित रिश्वत प्रकरण की जांच में सामने आ रहा है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, तो मंत्री को नैतिक आधार पर पद छोड़ देना चाहिए।

कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं एसीबी मामले की जांच जारी है और जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित