बिना टिकट यात्रा पर अब 500 रुपये न्यूनतम जुर्माना, रेलवे ने सख्त किए नियम

 


जयपुर, 23 जून (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने यात्री अनुशासन को मजबूत करने, बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने और रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से रेलवे अधिनियम, 1989 के प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन लागू किए हैं। नए नियमों के तहत बिना टिकट या अनियमित तरीके से यात्रा करने वाले यात्रियों पर अब न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये के स्थान पर 500 रुपये कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार यह व्यवस्था 20 जून, 2026 से देशभर में लागू हो गई है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जयपुर पूजा मित्तल ने सोमवार को बताया कि यह संशोधन जन विश्वास अधिनियम-2026 के तहत किए गए बदलावों के अनुरूप लागू किया गया है। रेलवे का मानना है कि इससे बिना टिकट यात्रा की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा और वैध टिकटधारी यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों के अनुसार बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने अथवा वैध यात्रा प्राधिकरण नहीं होने पर यात्री को यात्रा की गई दूरी का पूरा किराया देने के साथ न्यूनतम 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क (एक्सेस चार्ज) भी देना होगा। पहले यह राशि 250 रुपये थी।

रेलवे अधिनियम की धारा 137 और 138 में किए गए संशोधनों के तहत जानबूझकर बिना टिकट यात्रा करने अथवा निर्धारित दूरी से अधिक यात्रा करने वाले यात्रियों पर न्यूनतम दंड 500 रुपये कर दिया गया है। गंभीर मामलों में छह माह तक के कारावास, एक हजार रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान यथावत रखा गया है।

रेलवे ने सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों में प्रतिबंधित एवं खतरनाक सामान ले जाने के मामलों में भी सख्ती बढ़ाई है। पटाखे, गैस सिलेंडर, ज्वलनशील पदार्थ, विस्फोटक सामग्री अथवा अन्य खतरनाक वस्तुएं लेकर यात्रा करने पर अब न्यूनतम 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में आरोपी के खिलाफ जेल की कार्रवाई भी की जा सकेगी।

इसके अलावा दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी टिकट का उपयोग कर यात्रा करने वालों पर भी कार्रवाई तेज की गई है। ऐसे मामलों में टिकट जब्त करने के साथ पूरी यात्रा का किराया और न्यूनतम 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। रेलवे अधिनियम की धारा 142 के तहत टिकट का अनधिकृत हस्तांतरण पहले से ही दंडनीय अपराध है, लेकिन अब इसके प्रवर्तन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन संशोधनों का उद्देश्य बिना टिकट यात्रा को हतोत्साहित करना, वैध यात्रियों के हितों की रक्षा करना तथा रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। रेल प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट या पास साथ रखने तथा टिकट जांच के समय उसे प्रस्तुत करने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश