बादशाह बनकर दुनिया को कहा अलविदा, चंद्रप्रकाश अग्रवाल की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
अजमेर, 5 मार्च (हि.स.)। ब्यावर के 175वें ऐतिहासिक बादशाह मेले में बादशाह की भूमिका निभा रहे चंद्रप्रकाश अग्रवाल को गुरुवार को जिलेवासियों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा में शहरभर से उमड़े हजारों लोग सड़कों के दोनों ओर खड़े होकर पुष्पवर्षा और गुलाल अर्पित करते दिखाई दिए। अंतिम यात्रा के दौरान परंपरा के अनुसार बीरबल की भूमिका निभा रहा युवक भी आगे-आगे चलकर नृत्य करता रहा, जिसे देखकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को ब्यावर में 175वें ऐतिहासिक बादशाह की सवारी बड़े ही शानोशौकत के साथ निकाली जा रही थी। इस अवसर पर लाखों लोग होली के उत्सव में सराबोर होकर गाजे-बाजे के साथ गुलाल उड़ाते हुए सवारी में शामिल थे। इस वर्ष शहर के प्रतिष्ठित एवं मिलनसार सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रप्रकाश अग्रवाल को बादशाह की भूमिका सौंपी गई थी।
सवारी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ा। मौके पर मौजूद समिति सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद पूरे आयोजन का माहौल पलभर में खुशी से शोक में बदल गया और शहर में शोक की लहर फैल गई।
चंद्रप्रकाश अग्रवाल (चंदू जी) शहर के सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही बादशाह मेला समिति और प्रशासन ने मेले के समापन की घोषणा कर दी।
गुरुवार को उनकी अंतिम यात्रा के दौरान बुधवार से भी अधिक संख्या में लोग एकत्र हुए। जब उनका पार्थिव शरीर वाहन में रखकर शहर के मुख्य बाजारों से निकाला गया, तो लोग सड़क के दोनों ओर पुष्प और गुलाल लिए खड़े नजर आए। ब्यावर की सड़कें गुलाल और फूलों की पंखुड़ियों से पट गईं। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी इस घटना से गमगीन दिखाई दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष