फायरमैन की पदोन्नति से हाईकोर्ट की रोक हटी, अधिकरण में अपील दायर करने की छूट

 


जयपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने नगर निगम में फायरमैन की पदोन्नति की डीपीसी को चुनौती देने वाले मामले की सुनवाई का क्षेत्राधिकार हाईकोर्ट को नहीं माना है। इसके साथ ही अदालत ने याचिका का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ताओं को इस संबंध में सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण में अपील दायर करने की छूट दी है। जस्टिस गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने यह आदेश सांवारमल डोडवादिया व अन्य की ओर से दायर याचिका पर दिए। याचिका निस्तारित होने के साथ ही फायरमैन की डीपीसी पर 28 जनवरी 2021 के आदेश से लगाई गई हाईकोर्ट की रोक भी हट गई है।

याचिका से जुडे अधिवक्ता एसजे मूथा ने अदालत को बताया कि वरिष्ठता सूची में आए अभ्यर्थी कपिल शर्मा व अन्य ने पदोन्नति के लिए होने वाली डीपीसी पर लगी रोक हटाने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया था। वहीं राज्य सरकार ने कहा कि यह याचिका हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए मेंटेनेबल ही नहीं है और हाईकोर्ट को इसे सुनने का क्षेत्राधिकार नहीं है। अदालत ने राज्य सरकार की आपत्ति के बाद याचिका को निस्तारित कर दिया। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने पूर्व में 25 जून 2019 की वरिष्ठता सूची के आधार पर फायरमैन की पदोन्नति के लिए होने वाली डीपीसी पर जनवरी 2021 में रोक लगा दी थी। इस मामले में प्रार्थियों की ओर से वरिष्ठता सूची को चुनौती दी थी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पारीक