पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए राजस्थान से 37 अधिकारियों को बनाया पर्यवेक्षक
जयपुर, 17 मार्च (हि.स.)। निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों तथा छह राज्यों में होने वाले उपचुनावों के लिए 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। इन पर्यवेक्षकों में राजस्थान से 37 अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 28 आईएएस और नौ आईपीएस अधिकारी हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावों को हिंसा और प्रलोभन से मुक्त वातावरण में संपन्न कराना आयोग की प्राथमिकता है, ताकि प्रत्येक मतदाता बिना किसी भय और पक्षपात के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को पूरा करने में पर्यवेक्षक अहम भूमिका निभाएंगे।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधानसभा चुनावों तथा उपचुनावों के लिए कुल 557 सामान्य पर्यवेक्षक, 188 पुलिस पर्यवेक्षक और 366 व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
इनमें पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 294 सामान्य पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जबकि तमिलनाडु में 136 सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि सभी पर्यवेक्षक 18 मार्च तक संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर कार्यभार संभाल लें। पर्यवेक्षक अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे और प्रतिदिन एक निश्चित समय पर उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से मिलकर चुनाव से संबंधित शिकायतें सुनेंगे।
निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 20बी के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है। ये पर्यवेक्षक जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया के प्रभावी संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी निभाते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित