परिसीमन-महिला आरक्षण पर विपक्ष फिर होगा बेनकाब: शेखावत
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने मानसून सत्र से पहले विपक्ष को घेरा
जोधपुर, 17 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने संसद के मानसून सत्र से पहले परिसीमन और महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने दो टूक कहा कि विपक्ष की चाल क्या है? चरित्र क्या है? जो दोहरे चेहरे वाले लोग हैं, वे पिछले संसद सत्र में बेनकाब हुए थे, अब एक बार फिर होने वाले हैं।
शुक्रवार को अपने जोधपुर आवास पर मीडिया से बातचीत में शेखावत ने कहा कि बढ़ती आबादी के चलते लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। आजादी के बाद संविधान में इसके लिए स्पष्ट व्यवस्था की गई थी। वर्ष 2008 में लागू हुए पिछले परिसीमन एक्ट में यह प्रावधान किया गया था कि वर्ष 2025 के बाद पुन: परिसीमन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के विकास में महिलाओं की केवल सहभागिता ही नहीं, बल्कि उनके सशक्त नेतृत्व को सुनिश्चित करना चाहते हैं।
विधायी कार्यों में महिलाओं की भागीदारी को एक्ट ऑफ पार्लियामेंट द्वारा सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से डीलिमिटेशन का होना अत्यंत आवश्यक है। महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए शेखावत ने कहा कि जब पिछले सत्र में महिला आरक्षण और इससे जुड़े विषय लोकसभा के पटल पर रखे गए थे, तब विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा और महिलाओं की भागीदारी को रोकने का उनका चाल व चरित्र पूरी तरह बेनकाब हो गया था।
उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा सत्र शुरू होने के साथ ही जब बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक होगी और सभी दलों के सदस्य सर्वसम्मति से निर्णय लेंगे तो इस विधेयक को पटल पर लाया जाएगा। शेखावत ने कहा कि विपक्ष के दोहरे चेहरे वाले लोग एक बार फिर देश की जनता के सामने बेनकाब होने के लिए तैयार रहें।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि अब तक निरंतर अनवरत इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित भारत के परिप्रेक्ष्य में तैयार करने के दृष्टिकोण से जिस तरह से एक सतत साधना चल रही है। उसका परिणाम हम सबने देखा है। देश की सडक़ों के हालात बदले हैं। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर 100 फीसदी इलेक्ट्रीफाइड हो गया है। अभी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन चालू हो गई है। देशभर में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गई है। जोधपुर और फलोदी का रेलवे स्टेशन मॉडर्नाइज हो रहा है। रामदेवरा का स्टेशन नया रिकंस्ट्रक्ट हो रहा है। जोधपुर में लगभग 1000 करोड़ से ज्यादा के रेलवे के मेंटेनेंस, वॉशिंग, परिचालन और रख-रखाव से जुड़ी हुई गतिविधियों के जोधपुर और जैसलमेर केंद्र बन रहे हैं। पिछले 14 वर्ष में 42 से ज्यादा नई रेल जोधपुर को मिली हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश