पटाखा गोदाम अग्निकांड : आठ मौतों के बाद जागे प्रशासन ने किया एक एएसआई सहित दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड
जयपुर, 10 जून (हि.स.)। खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में आठ लोगों की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले में लापरवाही सामने आने पर बुधवार को खोह नागोरियान थाने के एएसआई अमर सिंह और हेड कांस्टेबल पप्पूराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस टीम ने इलाके में बड़े स्तर पर सर्च अभियान चलाते हुए अब तक पांच अवैध पटाखा फैक्ट्री-गोदामों को सील कर दिया है।
खोह नागोरियान थाना अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि इस हादसे के बाद खोह नागोरियान, आयशा कॉलोनी और जावेद विहार क्षेत्र में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण स्थलों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। इस दौरान भारी मात्रा में बारूद, पोटाश, केमिकल, पटाखों के खाली खोल और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। जावेद विहार स्थित फैक्ट्रियों से पटाखा निर्माण में उपयोग की जाने वाली दो मशीनें भी जब्त की गई हैं।
एसआई मुकेश कुमार ने बताया कि आयशा कॉलोनी स्थित मुख्य गोदाम के अलावा जावेद विहार में संचालित तीन अन्य गोदामों सहित कुल पांच अवैध फैक्ट्री-गोदामों को सील किया गया है। ये गोदाम मुख्य आरोपित याकूब खान और उसके भतीजे कयूम खान से जुड़े बताए जा रहे हैं। विभिन्न स्थानों से अवैध विस्फोटक सामग्री मिलने के कारण आरोपितों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं में एक से अधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।
घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम ने नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के बाद आरोपितों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरे और इंटरनेट राउटर तोड़ दिए थे। जांच में यह भी पता चला है कि फैक्ट्री में शादियों और आयोजनों में उपयोग होने वाले ‘कोल्ड फायर पटाखे’ बनाए जा रहे थे। मुख्य आरोपित ने मकान संख्या 88, करीम नगर-बी को बीच में दीवार खड़ी कर दो हिस्सों में बांट रखा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि करीम नगर-बी स्थित मकान याकूब पुत्र नजीर खान का है, जिसने इसे दिल्ली निवासी फिरोज को किराये पर दे रखा था। आरोप है कि फिरोज यहां बिना सुरक्षा मानकों और आवश्यक अनुमति के अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित कर रहा था। हादसे के बाद से फिरोज, याकूब खान और कयूम खान फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
हादसे के बाद बिजली विभाग के सहायक अभियंता (एईएन) सुधीर कुमार चौधरी ने भी मौके का निरीक्षण किया। जांच में याकूब खान के नाम दो बिजली कनेक्शन मिले हैं। इनमें एक कनेक्शन घटना स्थल के पास और दूसरा दाऊद नगर में है। हालांकि दाऊद नगर स्थित मकान बंद मिला और वहां किसी प्रकार की फैक्ट्री गतिविधि नहीं पाई गई।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि क्षेत्र में कई वर्षों से पटाखों के निर्माण और पैकिंग का अवैध कारोबार चल रहा था। इसके लिए कच्चा माल दिल्ली से ट्रकों के माध्यम से लाया जाता था। पुलिस ने आयशा कॉलोनी के कई घरों में भी छापेमारी की है, जहां घरेलू स्तर पर पटाखों की पैकिंग और निर्माण का कार्य किए जाने की आशंका है।
गौरतलब है कि 9 जून मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे पटाखा गोदाम हुए धमाके और आगजनी की घटना में एक बच्चे और दो सगे भाइयों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया और अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है तथा दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। गिरफ्तारियों के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश