पंचायत-निकाय चुनाव में देरी पर गहलोत का सरकार पर हमला

 


जयपुर, 17 जुलाई (हि.स.)| पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंचायत और निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रदेश सरकार के लिए इससे अधिक शर्मनाक स्थिति क्या हो सकती है कि चुनावों में देरी पर हाईकोर्ट को यह तक कहना पड़ रहा है कि यदि राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव नहीं करवा सकता तो न्यायालय करवा देगा।

गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज विभाग को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला आरक्षण संबंधी जानकारी के लिए छह बार पत्र लिखे जाने के बावजूद जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उनके अनुसार यह सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है और इससे प्रतीत होता है कि सरकार चुनाव कराने की इच्छुक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालय के आदेशों की बार-बार अवहेलना करना संविधान और न्यायपालिका का सीधा अपमान है। उन्होंने कहा कि जो सरकार न्यायपालिका का सम्मान नहीं कर सकती और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में बाधा डालती है, उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक और संवैधानिक अधिकार नहीं है। गहलोत ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर और चिंताजनक स्थिति बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित