नाहरगढ़ जैविक उद्यान में उमड़ी पर्यटकों की भीड़, 5,324 सैलानियों ने किया वन्यजीवों का दीदार

 


जयपुर, 21 जून (हि.स.)। सुहावने मौसम और अवकाश के चलते रविवार को नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। दिनभर में कुल 5,324 पर्यटकों ने जैविक उद्यान का भ्रमण कर वन्यजीवों का नजदीक से दीदार किया। इस दौरान सिंह सफारी और बाघ सफारी पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बनी रहीं।

उद्यान प्रशासन के अनुसार 261 से अधिक पर्यटकों ने सिंह एवं बाघ सफारी का रोमांचक अनुभव लिया। विशेष रूप से राजस्थान की पहली श्वेत बाघ सफारी में श्वेत बाघ ‘भीम’ और उसकी स्वर्णिम रंग की बहन ‘स्कंधी’ को देखकर पर्यटक रोमांचित नजर आए। दोनों बाघों की अठखेलियों और चंचल गतिविधियों ने सैलानियों का मन मोह लिया। बाघों की गर्जना और सिंहों की शाही मौजूदगी ने सफारी के रोमांच को और बढ़ा दिया।

नाहरगढ़ जैविक उद्यान में संचालित बाघ सफारी और सिंह सफारी इन दिनों जयपुर सहित देशभर से आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। प्राकृतिक हरियाली और वन्यजीवों के बीच सफारी का अनुभव लोगों को रोमांच के साथ प्रकृति से जुड़ने का अनूठा अवसर प्रदान कर रहा है।

उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सहायक वन संरक्षक देवेंद्र सिंह राठौड़ तथा वन क्षेत्राधिकारी शुभम शर्मा ने रविवार को सफारियों की सघन निगरानी कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पर्यटन प्रबंधन दल ने टिकट व्यवस्था, सफारी संचालन, भीड़ नियंत्रण, वाहन संचालन और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखा।

सहायक वन संरक्षक देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि श्वेत बाघ भीम और स्वर्णिम बाघिन स्कंधी को हाल ही में बाघ सफारी क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया है। पर्यटकों को बेहतर दर्शन उपलब्ध कराने के लिए दोनों को अलग-अलग समय पर सफारी क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है। पूर्व में इनकी गतिविधियां जैविक उद्यान परिसर में ही देखी जाती थीं, लेकिन अब ये बाघ सफारी का प्रमुख आकर्षण बन गए हैं।

वन विभाग की सतत निगरानी और प्रभावी प्रबंधन के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान राजस्थान के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल हो चुका है। यह पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और मनोरंजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश