नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक में जिले को नशा मुक्त बनाने पर चर्चा

 


चित्तौड़गढ़, 11 जून (हि.स.)। जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कलक्ट्रेट स्थित समिति कक्ष में नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश धाकड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, आबकारी विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में जिले को नशा मुक्त बनाने एवं युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने, नशील पदार्थो की तस्करी रोकने जिले में अफीम या गांजे की अवैध खेती की निगरानी, डोडा पोस्त नष्टीकरण, ट्रामाडोल, कॉडिन आधारित खासी की दवाई जैसे साइकोट्रोपिक पदार्थ की अवैध खपत की रोकथाम, एनडीपीएस अधिनियम और दवाओं के हातिकारक प्रभावों के प्रावधान के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना, ड्रग सिचुएशन रिपोर्ट इत्यादि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने जिले के स्कूल एवं कॉलेज में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इससे विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी एवं अवैध गतिविधियों में शामिल तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस एवं प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि समाज में व्यापक जागरूकता पैदा कर युवाओं को सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य प्रदान करना भी है। बैठक के दौरान नशीले पदार्थों की तरकरी से संबंधित खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत बनाने, जिले में अफीम एवं गांजे की अवैध खेती की निगरानी, वैध अफीम खेती से होने वाले अवैध डायवर्जन की रोकथाम तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही अफीम की खेती के बाद शेष डोडा पोस्त के विनिष्टीकरण, ट्रामाडोल एवं कोडिन आधारित खांसी की दवाइयों जैसे साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध खपत पर रोक लगाने तथा भांग के वैध ठेकों पर संचालित अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति पर भी चर्चा की गई। बैठक में एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन, नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, ड्रग डिटेक्शन किट की आवश्यकताओं का आकलन करने, अंतरराज्यीय मामलों की जांच प्रगति की समीक्षा तथा आवश्यक रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल