दो दिन की देरी से बॉर्डर क्षेत्रों से लौटा मानसून; दक्षिण-पूर्व में अब भी बारिश का दौर

 


जयपुर, 20 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान में मानसून की विदाई का सिलसिला शनिवार से शुरू हो गया। सामान्य समय से करीब दो दिन की देरी के बाद मानसून ने बीकानेर के खाजूवाला, फलोदी और जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों से वापसी का चरण शुरू किया। हालांकि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में अभी भी बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश का दौर जारी है।

मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के सात जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई है।

शनिवार को बारां, उदयपुर, झालावाड़, कोटा, सवाई माधोपुर, सिरोही, बूंदी और चित्तौड़गढ़ में कुछ स्थानों पर बादल छाए रहे और हल्की बारिश हुई। 19 सितंबर को बारां जिले के अटरू में सर्वाधिक 29 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा बारां और झालावाड़ के कुछ हिस्सों में करीब आधा इंच तक पानी बरसा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान-राजस्थान सीमा क्षेत्र में प्रतिचक्रवात बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके प्रभाव से वातावरण में नमी का स्तर तेजी से कम होने लगा है और आसमान साफ होने लगा है।

मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार राजस्थान के कुछ हिस्सों के अलावा पंजाब और गुजरात के कुछ क्षेत्रों में भी मानसून की वापसी के अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं।

प्रतिचक्रवात के असर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने के साथ दिन के तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, जैसलमेर, कोटा, डूंगरपुर, सिरोही और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान 1 से 9 डिग्री तक बढ़ गया। प्रदेश में सबसे अधिक दिन का तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस जैसलमेर में मापा गया।

इस बार राजस्थान में मानसून का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य या सामान्य से कम मापी गई। अब पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों से मानसून की वापसी शुरू होने के साथ धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी बारिश का दौर थमने की संभावना है। हालांकि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण अभी कुछ समय तक हल्की बारिश जारी रह सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित