दीक्षांत नव जीवन की शुरुआत, ज्ञान का प्रकाश समाज तक पहुंचाना युवाओं का दायित्व: राज्यपाल
कृषि विश्वविद्यालय का सप्तम दीक्षांत समारोह : 403 विद्यार्थियों को उपाधियां, 15 को स्वर्ण पदक प्रदान किए
जोधपुर, 20 मार्च (हि.स.)। कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के सप्तम दीक्षांत समारोह के अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि दीक्षांत केवल उपाधि प्रदान करने का अवसर नहीं, बल्कि यह विद्यार्थियों के नव जीवन में प्रवेश का महत्वपूर्ण क्षण है। दीक्षांत समारोह शुक्रवार को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के सुश्रुत सभागार में आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में दीक्षांत समावर्तन संस्कार के रूप में जाना जाता था, जिसमें विद्यार्थी को समाज के लिए समर्पित जीवन जीने का संदेश दिया जाता था। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में अर्जित ज्ञान का प्रकाश समाज के प्रत्येक कोने तक पहुंचाना विद्यार्थियों का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग राष्ट्र और समाज के विकास के लिए करें तथा जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर सतत प्रयास करते रहें। उन्होंने शिक्षा को जीवन का आलोक पथ बताते हुए कहा कि यही वह माध्यम है जिससे व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ समाज और विश्व को भी प्रकाशित करने की क्षमता प्राप्त करता है।
राज्यपाल ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश की बड़ी आबादी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने विश्वविद्यालय से अपेक्षा की कि वह कृषि एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार आधारित शोध को बढ़ावा दे, जिससे स्थानीय जलवायु के अनुरूप उन्नत खेती को प्रोत्साहन मिल सके।
उन्होंने कहा कि आज कृषि में नई चुनौतियों के समाधान के लिए आधुनिक तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन एवं रोबोटिक्स का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। एआई के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इसका उपयोग कृषि उन्नयन और अनुसंधान में किया जाना चाहिए, जिससे किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि हो सके। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में एक महत्वपूर्ण संकल्प का क्षण होता है।
इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा सावंत कुआं, बावड़ी स्थित डेयरी एवं खाद प्रौद्योगिकी महाविद्यालय तथा प्रौद्योगिकी एवं कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के छात्रावासों का लोकार्पण किया गया तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया। समारोह में कुल 403 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 327 स्नातक, 71 स्नातकोत्तर एवं 5 विद्यावाचस्पति (पीएचडी) शामिल हैं। समारोह में कुल 15 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 3 दानदाता स्वर्ण पदक शामिल हैं। साथ ही 10 विश्वविद्यालय मेरिट प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए, जिनमें कृषि महाविद्यालय के 5, डेयरी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय का 1 तथा कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के 4 विद्यार्थी शामिल रहे
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश