जयपुर में बारिश से रावण के पुतले खराब, कारीगरों को लाखों का नुकसान
जयपुर, 18 अक्टूबर (हि.स.)। राजधानी में रविवार को हुई तेज बारिश से दशहरे के लिए तैयार किए जा रहे रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले खराब हो गए। महीनों की मेहनत और पूंजी लगाकर तैयार किए गए पुतलों को नुकसान पहुंचने से कारीगरों को लाखों रुपये की चपत लगने की आशंका है। कारीगरों ने सरकार और प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।
पुतला निर्माता कालू ने बताया कि पिछले साल भी दशहरे से ठीक पहले बारिश होने से कई पुतले खराब हो गए थे। इस बार भी अचानक मौसम बदलने और तेज बारिश शुरू होने से कारीगरों में अफरा-तफरी मच गई। कारीगर पुतलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें भीगने से बचाने में जुट गए।
बारिश शुरू होने पर कारीगरों और मजदूरों ने पुतलों तथा उनके अलग-अलग हिस्सों को प्लास्टिक, पॉलीथिन और तिरपाल से ढंककर बचाने की कोशिश की। इसके बावजूद कई पुतले भीग गए। पानी से उनकी सजावट और रंग-रोगन को नुकसान पहुंचा, जबकि बांस, कागज और गत्ते से बने ढांचे भी कमजोर पड़ गए। कुछ पुतलों का आकार बिगड़ने और कागज गलने से उन्हें बेचने में परेशानी आने की आशंका है।
पुतला निर्माता विजय और राहुल ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर और अपनी जमा-पूंजी लगाकर पुतले तैयार किए थे। साल में दशहरे का सीजन ही उनकी कमाई का प्रमुख जरिया है। ऐसे में बारिश से हुए नुकसान के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कारीगरों का कहना है कि पिछले साल बारिश से हुए नुकसान की भरपाई करना भी मुश्किल रहा था। इस बार फिर मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि नुकसान से उबरकर परिवार की आजीविका चला सकें।
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश