जयपुर में 8 व 9 अगस्त को गूंजेगी सबद साधना
जयपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय साहित्यिक संगोष्ठी 'सबद साधना' का आयोजन 8 एवं 9 अगस्त को झालाना स्थित प्रौढ़ शिक्षण संस्थान में किया जाएगा। दो दिवसीय संगोष्ठी में पत्रकारिता, साहित्य, भाषा विमर्श, कविता पाठ, पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह सहित विभिन्न सत्र आयोजित होंगे। इसमें देशभर से करीब 65 से 70 साहित्यकार, लेखक और विद्वान भाग लेंगे।
संगोष्ठी के पहले दिन 8 अगस्त को 'पत्रकारिता और साहित्य में अंतर्सम्बन्ध' विषय पर डॉ. के. श्रीनिवास राव मुख्य वक्तव्य देंगे। इस सत्र में वरिष्ठ पत्रकार एवं व्यंग्यकार यशवंत व्यास तथा डॉ. अमर नाथ 'अमर' भी अपने विचार रखेंगे।
इसी दिन पुस्तक सत्र के अंतर्गत 'द रेजिस्टेंस' के हिंदी अनुवाद 'प्रतिरोध – राजपूत, मराठा और सिखों का संघर्ष' तथा उषा राजश्री राठौड़ के कविता संग्रह 'सोनचिड़ी' का विमोचन किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार 'प्रतिरोध' पुस्तक मुगल शासक औरंगजेब एवं उसके उत्तराधिकारियों के शासनकाल में राजपूत, मराठा और सिख वीरों द्वारा आत्मसम्मान, आस्था और जीवन मूल्यों की रक्षा के लिए किए गए संघर्षों का ऐतिहासिक दस्तावेज है। इसके लेखक लेफ्टिनेंट जनरल दलीप सिंह (पीवीएसएम, वीएसएम) भारतीय सेना के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने इतिहास में उपेक्षित रहे वीरों के योगदान को सामने लाने के उद्देश्य से इस पुस्तक का लेखन किया है।
संगोष्ठी के दूसरे दिन 'भाषा में लालित्य तत्त्व' विषय पर आयोजित सत्र में डॉ. शोभा सिंह विद्यानिवास मिश्र के साहित्य, संत कीनाराम त्रिपाठी कुबेरनाथ राय तथा डॉ. अमर नाथ 'अमर' अज्ञेय के साहित्य पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। समापन सत्र में वरिष्ठ साहित्यकार सूरज सिंह नेगी सभी प्रतिभागी साहित्यकारों का सम्मान करेंगे।
संगोष्ठी की संयोजिका सुमन द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय संस्थान एवं राजस्थान फोरम के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इसमें दिल्ली, गुरुग्राम, वाराणसी, प्रयागराज, बेंगलुरु, मुंबई, अहमदाबाद सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों से लगभग 65 से 70 साहित्यकार, कवि, लेखक एवं चिंतक भाग लेकर साहित्यिक विमर्श को नई दिशा देंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश