छात्रसंघ चुनाव और राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए पदयात्रा

 


उदयपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान के विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग को लेकर सोमवार को उदयपुर में छात्र नेताओं ने 22 किलोमीटर लंबी सद्बुद्धि पदयात्रा निकाली। सावन सोमवार के अवसर पर एनएसयूआई पदाधिकारियों और छात्र कार्यकर्ताओं ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से श्री एकलिंगजी मंदिर तक पैदल यात्रा की। छात्र नेताओं ने भगवान एकलिंगनाथ के दरबार में सरकार को सद्बुद्धि देने और विद्यार्थियों की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय की प्रार्थना की।पदयात्रा को इंटक के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष यशवंत चौधरी और प्रदेश महासचिव महिपाल सिंह कुराबड़ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा में एनएसयूआई प्रदेश महासचिव विक्रम भादू, युवा कांग्रेस के हिदांशु जैन, सूर्यपाल सिंह देवड़ा, छात्रनेता कल्पेश सहित बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। छात्र नेता हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पूरे रास्ते छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने के समर्थन में नारे लगाते रहे। पदयात्रा विश्वविद्यालय मुख्य द्वार से शुरू होकर भुवाणा, सुखेर और कैलाशपुरी होते हुए एकलिंगजी मंदिर पहुंची।छात्र नेताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक आवाज का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। कॉलेज और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए छात्रसंघ आवश्यक है। उन्होंने सरकार से जल्द छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग की।वहीं राजस्थानी भाषा को मान्यता देने की मांग को विद्यार्थियों ने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और पहचान से जुड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना था कि लंबे समय से राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित पहल नहीं हुई।कैलाशपुरी पहुंचने के बाद छात्र नेताओं ने श्री एकलिंगजी मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक किया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो संभाग मुख्यालयों से लेकर जयपुर तक आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता