गौरव त्यागी भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष नियुक्त, रामपुरिया को जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी

 




चित्तौड़गढ़, 04 फ़रवरी (हि.स.)। चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र के 6 मंडल अध्यक्ष की करीब एक पखवाड़ा पूर्व हुई नियुक्ति के बाद से भाजपा में चल रही उठा पटक से संभवतया संगठन में बदलाव देखने को मिला है। बीती रात को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की सहमति से जिलाध्यक्ष रतन गाडरी ने चित्तौड़गढ़ भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी गौरव त्यागी को दी है। वहीं सुदर्शन रामपुरिया को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों के बाद से कार्यकर्ता में खुशी देखने को मिली है। वहीं संगठन में चल रही उठा पटक भी अब खत्म होती दिख रही है, जिसका आगामी दिनों में पता चल पाएगा। चर्चाओं का दौर है कि सभी को खुश रखने का फार्मूला अपनाते हुवे यह बदलाव किया है।

जानकारी में सामने आया कि करीब एक पखवाड़ा पूर्व चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र के 6 भाजपा मंडल अध्यक्ष की घोषणा जिलाध्यक्ष रतन गाडरी ने की थी। इसमें चित्तौड़गढ़ नगर मंडल अध्यक्ष के पद पर सुदर्शन रामपुरिया को नियुक्त किया था। यह नियुक्तियां होने के साथ ही संगठन में उठा पटक भी शुरू हो गई। नियुक्त किए गए भाजपा मंडल अध्यक्ष में से अधिकांश विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के खेमे के थे। वहीं सांसद खेमे के कार्यकर्ता अंदरखाने इसका विरोध कर रहे थे। विरोध प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ तक दर्ज करवाया था। इसके साथ ही सुगबुगाहट भी शुरू हो गई थी कि कुछ बदलाव हो सकता है। वहीं मंगलवार रात को भाजपा जिलाध्यक्ष रतन गाड़री ने प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की सहमति से जिला एवं नगर अध्यक्ष की घोषणा की। इसमें गौरव त्यागी को चित्तौड़ चित्तौड़गढ़ नगर मंडल का अध्यक्ष नियुक्त किया।इसके अलावा में पूर्व में नगर अध्यक्ष नियुक्त किए गए सुदर्शन रामपुरिया को अब भाजपा जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही बस्सी मंडल के पूर्व अध्यक्ष रहे गोपाल चौबे को भी जिला मंत्री नियुक्त किया है। जिलाध्यक्ष का आदेश सामने आने के साथ ही शुभकामनाओं का दौर भी शुरू हो गया।

विधायक विरोधी खेमे ने जताया था विरोध

इधर, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक पखवाड़ा पूर्व जो मंडल अध्यक्ष की घोषणा हुई थी उसके बाद से ही विधायक विरोधी खेमा सक्रिय हो गया था। इन्होंने सांसद सीपी जोशी के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया था। इसे लेकर गुप्त बैठक भी हुई तथा बाद में प्रदेश अध्यक्ष तक बात पहुंची थी। लगातार उठ रही मांग के चलते कहीं ना कहीं संगठन नहीं है बदलाव की कोशिश की है।

बीच का रास्ता निकाला, सभी को खुश करने का प्रयास

विधानसभा चुनाव के बाद से ही चित्तौड़गढ़ भाजपा में चल रही खींचतान को संगठन ने कहीं ना कहीं खत्म करने का प्रयास किया था। सांसद व विधायक को एक मंच पर लाया गया और कार्यक्रमों में भी साथ जाकर एक संदेश देने का प्रयास संगठन ने किया था। लेकिन एक पखवाड़ा पूर्व विधायक समर्थक पांच तथा जिलाध्यक्ष की और से दिए गए एक नाम पर मंडल अध्यक्ष नियुक्त किए थे। इसके साथ ही फिर खींचतान की शुरुवात हुई। गुप्त बैठकों का भी दौर चला था। लेकिन अब जो आदेश आया है उससे लगता है कि कहीं ना कहीं भाजपा संगठन ने खींचतान खत्म करने का प्रयास किया। नई नियुक्तियां जो की गई है उसमें सभी पक्षों को खुश रखने का प्रयास हुआ है। यही कारण है कि एक पखवाड़ा पूर्व सुदर्शन रामपुरिया को नगर मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी थी, जिन्हें अब जिला कार्यकारिणी में पद देकर संतुष्ट करने का प्रयास किया। वहीं बस्सी मंडल के पूर्व अध्यक्ष गोपाल चौबे को भी एडजस्ट करते हुए जिला जिला कार्यकारिणी में लिया है। वहीं विधायक विरोधी खेमे की मांग तथा कार्यकर्ताओं की भावनाओं का भी ध्यान रखते हुए नगर मंडल अध्यक्ष के पद पर पद की जिम्मेदारी गौरव त्यागी को दी। इसके अलावा छह में से पांच मंडल अध्यक्ष पर कोई बदलाव नहीं करते हुवे विधायक व जिलाध्यक्ष को भी राजी रखने का प्रयास हुआ है। अंदरखाने विरोध तो जिलाध्यक्ष की और से दिए नाम का भी किया जा रहा था।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल