गोविन्द गिरी महाराज के आगमन पर पुष्कर में हंगामा और मारपीट

 




अजमेर, 15 अप्रैल(हि.स.)। राष्ट्रीय संत और अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविन्द गिरी महाराज बुधवार को पुष्कर स्थित माहेश्वरी धर्मशाला के परिसर में जब नवनिर्मित कृष्ण भवन के लोकार्पण के लिए मौजूद थे तब माहेश्वरी समाज के लोगों के बीच हाथापाई और मारपीट वाला हाइवोल्टेज ड्रामा चल रहा था। समाज का एक गुट जो वर्तमान अध्यक्ष राजकुमार भूतड़ा से नाराजगी रखता है और उन्हें असंवैधानिक रूप से पद पर जबरन बने रहना मानते हुए इस्तीफे की मांग कर रहा है। उसका आरोप है कि अध्यक्ष ने बाहरी तत्वों को बुलाकर समाजबंधुओं के साथ मारपीट कराई। दूसरी तरफ अध्यक्ष भूतड़ा का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। वे कार्यक्रम में व्यस्त थे। यूं भी विरोधी हर संस्था में होते ही हैं। विरोधियों का काम ही कार्य में व्यवधान पहुंचाना है।

असल में गोविन्द गिरी महाराज माहेश्वरी धर्मशाला परिसर में स्थित नवनिर्मित कृष्ण भवन का लोकार्पण करने आए थे। समाज के सभी लोगों ने गोविन्द गिरी महाराज का स्वागत भी किया। स्वागत करने वालों में अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर के वे पदाधिकारी और सदस्य भी शामिल रहे जो मौजूदा अध्यक्ष रामकुमार भूतड़ा को अध्यक्ष पद से हटाए जाने की मांग कर रहे है। भूतड़ा के समर्थकों को यह बात नागवार लगी। विरोधी गुट के लोग की समारोह में उपस्थिति से वे असहज हो गए और यही वजह रही कि भूतड़ा के समर्थकों ने विरोधी गुट के लोगों के साथ धर्मशाला परिसर में ही बुरी तरह मारपीट की।

मौजूदा मंत्री मुरलीधर आदि को जमीन पर गिराकर बुरी तरह पीटा गया। पूर्व अध्यक्ष श्याम सुन्दर बिड़ला ने आरोप लगाया कि भूतड़ा ने गुंडा तत्वों को समारोह में आमंत्रित किया और उन्हीं गुंडा तत्वों ने हमारे साथ मारपीट की। बिडला ने सवाल उठाया कि जब भूतड़ा का कार्यकाल गत दिसम्बर माह में ही समाप्त हो गया तो वे अभी तक अध्यक्ष क्यों बने हुए है? बिड़ला ने कहा कि माहेश्वरी समाज के यह बेहद शर्मनाक बात है कि पूज्य गोविन्द गिरी महाराज के धर्मशाला परिसर में रहते हुए मारपीट हुई है। इसी क्रम में पूर्व पदाधिकारी सुभाष काबरा ने कहा कि 15 अप्रैल को संस्था के पुष्कर स्थित मुख्यालय पर जो घटनाक्रम हुआ उससे पूरे देश में माहेश्वरी समाज की छवि खराब हुई है। माहेश्वरी समाज एकता के लिए जाना जाता है, लेकिन रामकुमार भूतड़ा ने समाज में फूट के बीज बो दिए है। उन्होंने कहा कि कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद भी भूतड़ा जिस तरह अध्यक्ष पद से चिपके हुए हैं वह उनके स्वार्थों को दर्शाता है। बिडला और काबरा ने कहा कि अयोध्या में निर्माणाधीन धर्मशाला का अधूरा कार्य नए पदाधिकारी भी करवा सकते हैं। बिडला ने अयोध्या में भूमि खरीद को लेकर भी अनेक सवाल उठाए।

वहीं अध्यक्ष भूतड़ा ने कहा कि वे गोविन्द गिरी महाराज के साथ लोकार्पण समारोह में व्यस्त थे इसलिए उन्हें धर्मशाला परिसर में हुई मारपीट की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने मारपीट पर दुख जताते हुए कहा कि वे जल्द ही नए चुनाव करवाने की घोषणा कर देंगे। उन्हें भी ऐसे माहौल में संस्था का अध्यक्ष रहने की मंशा नहीं है। जहां तक अयोध्या में भवन निर्माण का सवाल है तो संभव है मई माह में नए भवन का लोकार्पण हो जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष