गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव की रंगारंग शुरुआत :4 सितंबर को मनेगी जन्माष्टमी

 


जयपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। जय निवास बाग स्थित मंदिर श्री गोविंद देव जी महाराज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। श्रावण शुक्ल सप्तमी से शुरू हुआ उत्सव 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मुख्य पर्व के साथ संपन्न होगा। मंदिर महंत एवं एकल न्यासी अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मंदिर के सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि उत्सव की शुरुआत अष्टप्रहर हरिनाम संकीर्तन से हुई। जगमोहन परिसर में भक्त गौड़ीय सप्त देवालय के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर को बंधनवार, बधाई संदेशों और विशेष रोशनी से सजाया जा रहा है। मुख्य प्रवेश और निकास द्वार पर शहनाई व नगाड़ों की धुन गूंजेगी। 3 सितंबर तक रोजाना भजन मंडलियों और कलाकारों की ओर से रागसेवा व नृत्यसेवा प्रस्तुत की जाएगी। ठाकुरजी का विशेष अलंकार श्रृंगार और झांकियां भी सजाई जाएंगी।

जन्माष्टमी पर 4 सितंबर को मंगला झांकी से पहले ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक होगा। रात 10 से 11 बजे तक पं. डॉ. जीएल मिश्र जन्माष्टमी व्रत कथा का पाठ करेंगे। मध्यरात्रि 12 बजे जन्मोत्सव के साथ 31 तोपों की हवाई सलामी और आतिशबाजी होगी। छह वेदपाठी पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री शालिग्राम पूजन और पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद इस्तेमाल होगा। इसके बाद पंजीरी लड्डू, खिरसा और रबड़ी कुल्हड़ का भोग लगाया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब 3 हजार मंदिर कार्यकर्ता और 150 स्काउट्स तैनात रहेंगे। परिसर में 13 एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। सुरक्षा के लिए विभिन्न द्वारों पर 8 से 10 मेटल डिटेक्टर और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। वाहनों के लिए रामनिवास बाग और चौगान स्टेडियम पार्किंग निर्धारित की गई है।

मंदिर में जूता स्टैंड की व्यवस्था नहीं होगी। श्रद्धालुओं से जूते-चप्पल और हेलमेट सुरक्षित स्थान पर रखकर आने को कहा गया है। लेडीज पर्स, बैग, थैले, लैपटॉप, कैमरा, कीमती आभूषण, प्रसाद, फल, मिठाई, नारियल और पानी की बोतल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं से भारतीय पारंपरिक परिधान में आने की अपील की गई है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को भीड़ भाड़ के समय आने से बचने की सलाह दी गई है। मंदिर प्रशासन ने संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु की सूचना तत्काल पुलिस या मंदिर प्रशासन को देने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश