गंगा दशहरा पर मंदिरों में सजी फूल बंगले और गंगावतरण की झांकियां

 




जयपुर, 25 मई (हि.स.)। छोटी काशी जयपुर में सोमवार को गंगा दशहरा पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। पतित पावनी मां गंगा के अवतरण दिवस पर शहर के प्रमुख गंगा माता मंदिरों, गोविंद देवजी मंदिर, गलताजी तीर्थ और शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, झांकियों और महाआरती का आयोजन हुआ। शुभ योग-संयोगों में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान, दान, जप-तप और पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में ठाकुरजी का गंगाजल से अभिषेक कर धवल पोशाक धारण कराई गई। गर्भगृह में फव्वारे लगाकर शीतलता प्रदान की गई तथा सुगंधित जल की फुहारों से स्नान कराया गया। ठाकुरजी को तरबूज, आम, जामुन, फालसे सहित ऋतु फलों का भोग लगाया गया और खस व गुलाब का शरबत अर्पित किया गया। दोपहर में ठाकुरजी को जल विहार कराया गया। गंगा दशहरा के अवसर पर मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी के जन्मदिवस पर भी श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

गोविंद देवजी मंदिर के पीछे स्थित गंगा माता मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जय निवास उद्यान स्थित गंगा गोपालजी मंदिर में गंगोत्री से लाए गए गंगाजल का पूजन कर श्रद्धालुओं को गंगाजल वितरित किया गया। स्टेशन रोड, चौड़ा रास्ता और गोपालजी का रास्ता स्थित गंगा माता मंदिरों में पंचामृत अभिषेक, नवीन पोशाक और फूल बंगले की आकर्षक झांकियां सजाई गईं।

गोपालजी के रास्ते स्थित प्राचीन बड़ी गंगा माता मंदिर में महंत महेंद्र पंडा के सान्निध्य में दिनभर सात विशेष झांकियां सजाई गईं। मंगला, श्रृंगार, राजभोग, पंचामृत स्नान, ग्वाल एवं संध्या आरती की झांकियों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। शाम को फूल बंगला और छप्पन भोग की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

उत्तर भारत की प्रमुख पीठ गलताजी में गालव गंगा का विशेष पूजन हुआ। गौमुख पर गंगा माता को चुनरी और फलों से सजाकर सामूहिक महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने गंगा लहरी के पाठ किए और भजन संध्या में भाग लिया।

छोटी चौपड़ स्थित शिव शक्ति हनुमान मंदिर में भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर के महंत पंडित दिनेश शर्मा के सान्निध्य में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक के साथ भगवान शिव के शीश पर मां गंगा के अलौकिक स्वरूप को पुष्पों के माध्यम से सजाया गया। महाआरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘गंगा मैया की जय’ के जयकारों से गूंज उठा।

ज्योतिषाचार्य बनवारी लाल शर्मा के अनुसार इस बार गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, रवि योग, व्यातिपात योग, आनंद योग तथा गुरु-चंद्रमा की युति से गजकेसरी योग सहित पांच शुभ संयोग बने, जिन्हें अत्यंत फलदायी माना गया है। शर्मा ने बताया कि ब्रह्मपुराण के अनुसार इस दिन गंगा स्नान और दान से दस प्रकार के पापों का शमन होता है, इसी कारण इसे ‘दशहरा’ कहा जाता है।

अधिकमास और सोमवार के संयोग के चलते शिवालयों में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और मां गंगा की आराधना कर सुख-समृद्धि और जीवन की बाधाओं से मुक्ति की कामना की।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश