कालजयी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा पुंज: प्रो. व्यास
जोधपुर, 14 जनवरी (हि.स.)। राजकीय कन्या महाविद्यालय सूरसागर में राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में साप्ताहिक कार्यक्रम के अन्तर्गत प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अरुण व्यास ने स्वामी विवेकानंद के जीवनवृत्त को युवाओं के लिए प्रेरणास्पद बताया।
उन्होंने छात्राओं को समझाया कि युवा अवस्था जिंदगी को संवारने के लिए महत्वपूर्ण दौर होता है और देश जब विकसित भारत 2047 के लिए तैयार हो रहा है तो उसमें युवाओं की महत्ती भूमिका है। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. कन्हैयालाल सारण ने राष्ट्रीय युवा दिवस के उद्देश्यों को बताया और विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।
प्रो. हेमू चौधरी ने स्वामी विवेकानंद को युवाओं का आदर्श बताया और उनके गुणों को आत्मसात करने की बात कही। डॉ परवीन ने कहा कि भारत युवा शक्ति के बदौलत विश्व के ताकतवर देशों की श्रेणी में आने वाला है। कार्यक्रम में मोअज्जम अली, डॉ. ममता बारहठ एवं सुमित्रा पटेल मौजूद रही। डॉ. अलका बोहरा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इसके साथ ही निबन्ध लेखन, कथन वाचन, कविता पाठ और निबन्ध वाचन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। था। निबन्ध लेखन में प्रथम कोमल, द्वितीय विशाखा और तृतीय रिजवाना रही। कथन वाचन में प्रथम प्रियकां, द्वितीय सीमा और तृतीय-कंवरी रही। कविता पाठ में प्रथम विशाखा, द्वितीय कोमल और तृतीय दुर्गा रही। निबंध वाचन में प्रथम भूमिका, द्वितीय खुश्बू और तृतीय कुसुम रही।
इन प्रतियोगिताओं में डॉ कन्हैयालाल सारण और मोअज्जम अली निर्णायक रहे। छात्राओं को प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अरुण व्यास, संकाय सदस्यों प्रो हेमू चौधरी, डॉ प्रियंका यादव, डॉ प्रकाश दान चारण, डॉ परवीन और डॉ ममता कंवर, लेखाधिकारी विजय चौहान ने प्रोत्साहित किया। प्रतियोगिताओं का संचालन डॉ अलका बोहरा और डॉ सुनिता चावड़ा ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश