एंगल से बढ़ा विवाद, टाइगर सिक्यूरिटी फोर्स ने सरपंच प्रतिनिधि से की अभद्रता, थाने पहुंचा मामला

 


चित्तौड़गढ़, 10 मई (हि.स.)। जिले के श्री सांवलियाजी मंदिर मंडल में तैनात टाइगर फोर्स के सुरक्षाकर्मियों का अभद्र व्यवहार थमने का नाम नहीं ले रहा। यात्रियों के साथ आए दिन दुर्व्यवहार के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब सुरक्षाकर्मी स्थानीय ग्रामीणों से भी मारपीट पर उतारू हो गए हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को सामने आया जिसमें सरपंच प्रशासक प्रतिनिधि से धक्का मुक्की कर दी और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। ग्रामीणों ने बीच बचाव कर सुरक्षाकर्मी को काबू किया। बाद में मामला पुलिस थाने तक पहुंचा। बाद में सरपंच प्रशासक प्रतिनिधि ने व्यवस्थाओं में सुधार होने की बात पर रिपोर्ट नहीं दी।

जानकारी के अनुसार शनिवार को सांवलियाजी के सरपंच प्रतिनिधि अभिषेक जैन मीरा सर्किल से अपने घर सांवलियाजी जा रहे थे। नंद निकेतन धर्मशाला के बाहर तैनात टाइगर सिक्यूरिटी फोर्स के सुरक्षाकर्मी भैरूसिंह ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। अभिषेक ने स्थानीय निवासी होने का हवाला देकर घर जाने की बात कही, तो सुरक्षाकर्मी अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट पर उतर आया। इस घटना के बाद मौके पर कई ग्रामीण जमा हो गए और सुरक्षाकर्मी के व्यवहार का जम कर विरोध किया। सूचना पर मंडफिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई। अभिषेक जैन ने एक बार तो थाने में रिपोर्ट भी दे दी। इस पर पर पुलिस ने सुरक्षाकर्मी भैरूसिंह को थाने में बिठा दिया। इधर, मामले की जानकारी मिली तो कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा कस्बे में अनावश्यक लगी विभिन्न बैरिकेडिंग हटाने की मांग को लेकर विरोध जताया। मामले को बढ़ता देख नायब तहसीलदार व मंदिर मंडल प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिव शंकर पारीक ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को जल्द सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। काफी देर तक पुलिस थाने में विवाद को लेकर समझाईश का दौर चलता रहा। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से टाइगर सिक्यूरिटी फोर्स के सुरक्षाकर्मियों के यात्रियों से अभद्रता के वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं। लेकिन अब स्थानीय लोगों के साथ भी दुर्व्यवहार के मामले बढ़ रहे हैं। इस संबंध में मंडफिया थानाधिकारी रविंद्र सेन बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। दोनों पक्ष को थाने पर बुलाया गया। मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी भी थाने पर आ गए थे। आपसी रजामंदी के बाद पुलिस थाने में कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। सरपंच प्रतिनिधि की ओर से दी गई रिपोर्ट वापस ली गई। आपसी समझाईश के बाद विवाद खत्म हो गया।

जानकारी में सामने आया कि मंदिर प्रशासन की और से पुराने आईटीआई कॉलेज और कबूतर खाने के बीच मात्र छह फीट ऊंची लोहे की एंगल लगा कर भारी वाहन रोकने का प्रयास किया। लेकिन मुख्य मार्ग होने से मध्यम ऊंचाई के वाहन भी निकलते हैं। शनिवार शाम को एक पिकअप में लोहे की एंगल फंस कर टेडी हो गई थी, जिसे सही किया जा रहा था। इसके लिए रास्ता काफी आगे से बेरीकेट्स लगा कर रोक दिया। इस पर सरपंच प्रशासक प्रतिनिधि ने अपने घर की और (पुराने मंदिर मार्ग) जाने का प्रयास की तो गार्ड ने अभद्रता कर दी और जाने से रोक दिया। परिचय देने के बाद भी रास्ता नहीं दिया, जबकि उस रास्ते पर जाना ही नहीं था, जहां एंगल सही करने का कार्य चल रहा था। गांवों में भी आक्रोश इस बात को लेकर था कि मंदिर प्रशासन अनावश्यक परेशान करने जैसा निर्णय कर है। रात को भी ग्रामीणों के विरोध के कारण ही टूटे एंगल को पुनः नहीं लगा कर हटा दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल