उभरती प्रौद्योगिकियों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जयपुर सैन्य स्टेशन में रणनीतिक सेमिनार आयोजित
जयपुर, 26 जुलाई (हि.स.)। सप्त शक्ति कमान के तत्वावधान में ज्ञान शक्ति थिंक टैंक द्वारा जयपुर सैन्य स्टेशन में ‘भारतीय उपमहाद्वीप में प्रतिरोध के नए प्रतिमान के रूप में उभरती तकनीकों की भूमिका’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें सशस्त्र बलों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों, सामरिक एवं शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों तथा विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन ने बताया कि सेमिनार में प्रख्यात सैन्य विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस. राजू (सेवानिवृत्त) और मेजर जनरल रवि मुरुगन (सेवानिवृत्त) ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उसके प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भविष्य के युद्धों के स्वरूप, प्रतिरोध क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ बनाने में उभरती प्रौद्योगिकियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
सेमिनार के दौरान युद्ध की बदलती प्रकृति, रणनीतिक प्रभावों तथा बहु-क्षेत्रीय प्रतिरोध क्षमता पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियों, साइबर क्षमताओं, सूचना युद्ध तथा अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े अवसरों और चुनौतियों का विश्लेषण किया। साथ ही बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप निरंतर नवाचार और नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सेवारत अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, शिक्षा विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से संवाद किया।
सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने रणनीतिक विषय पर विशेषज्ञों के विश्लेषण और सुझावों की सराहना की। उन्होंने रक्षा एवं सुरक्षा संबंधी उभरती चुनौतियों पर रणनीतिक विमर्श को प्रोत्साहित करने तथा नागरिक-सैन्य सहयोग को मजबूत बनाने में ज्ञान शक्ति थिंक टैंक की भूमिका की भी प्रशंसा की।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव