इस्कॉन जयपुर की जगन्नाथ रथयात्रा: हरे कृष्णा संकीर्तन के बीच 10 हजार श्रद्धालुओं ने खींचा 32 फीट ऊंचा दिव्य रथ

 






जयपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ इस्कॉन जयपुर के तत्वावधान में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलदेव एवं सुभद्रा महारानी की 9वीं भव्य रथयात्रा भक्तिभाव और वैदिक रीति-रिवाज के साथ निकाली गई। मानसरोवर स्थित के.एल. सैनी स्टेडियम कावेरी पथ से शुरू होकर यह दिव्य यात्रा माध्यम मार्ग होते हुए एस.एफ.एस. चौराहे तक पहुंची, जहां हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान के विग्रहों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस धार्मिक आयोजन में करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा और आरती कर भगवान का भव्य स्वागत किया गया। इस रथयात्रा का मुख्य केंद्र भगवान का लगभग 32 फीट ऊंचा, 30 फीट लंबा और 15 फीट चौड़ा दिव्य रथ रहा। इस रथ का निर्माण जगन्नाथ धाम, पुरी से आए विशेष कारीगरों द्वारा पारंपरिक वैदिक मानकों के अनुसार किया गया था। स्वदेशी एवं विदेशी फूलों से सजाए गए इस रथ में पहली बार इन-बिल्ट जेनसेट और हाइड्रोलिक प्रणाली का उपयोग किया गया, जिससे यात्रा सुचारु रही। भगवान के रथ को खींचने के लिए 200 फीट लंबी अलंकृत रस्सी तैयार की गई थी, जिसे खींचने के लिए भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला।

रथयात्रा के दौरान तीन हरिनाम संकीर्तन मंडलियों ने ढोल, मृदंग, करताल और शंखध्वनि के साथ 'हरे कृष्ण महामंत्र' का अखंड जाप किया। पारंपरिक राजस्थानी लवाजमे और वैदिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर पुरुष और महिला भक्त नृत्य करते हुए चले, जिससे पूरा मानसरोवर क्षेत्र कृष्णमय हो गया।

आयोजन को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए इस्कॉन जयपुर के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने सुरक्षा, यातायात, प्रसाद वितरण, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की जिम्मेदारी संभाली। स्थानीय पुलिस व प्रशासन के सहयोग से पूरी रथयात्रा शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुई। इस्कॉन जयपुर ने आयोजन की सफलता पर सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं, पुलिस-प्रशासन एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश