आयुष क्षेत्र में स्टार्टअप व उद्यमिता की असीम संभावनाएं: प्रो. शुक्ल
आयुर्वेद विवि में राष्ट्रीय कार्यशाला आयुष स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन
जोधपुर, 24 मार्च (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर द्वारा चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान पटना के सहयोग से आयुष स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2026 विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन पीजीआईए सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यक्रम का विषय हीलर्स को उद्यमी बनने के लिए सशक्त बनाना रखा गया, जिसका उद्देश्य आयुष क्षेत्र के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं चिकित्सकों को उद्यमिता की ओर प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भगवान धन्वंतरि पूजन के साथ हुआ। प्रोफेसर (डॉ.) हरीश कुमार सिंघल ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा आयुष क्षेत्र में स्टार्टअप की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर (डॉ.) राणा सिंहा ने विशिष्ट अतिथि उद्बोधन में आयुष क्षेत्र में नवाचार एवं उद्यमिता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक प्रबंधन एवं उद्यमिता से जोडक़र वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जा सकता है।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल ने अध्यक्षीय उद्बोधन प्रदान करते हुए कहा कि आयुष क्षेत्र में स्टार्टअप एवं उद्यमिता की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों को पारंपरिक आयुष ज्ञान को आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं प्रबंधन कौशल से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार, अनुसंधान एवं स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा ऐसे आयोजन युवाओं को रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
तकनीकी सत्र में प्रोफेसर (डॉ.) राणा सिंह ने उद्यमशील मानसिकता हीलर्स को परिवर्तनकर्ता बनाना विषय पर व्याख्यान देते हुए स्टार्टअप निर्माण, नेतृत्व क्षमता एवं नवाचार की आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात मनीष कुमार ने आइडिया से डिजिटल स्टार्टअप तक: एआई, तकनीक एवं ऑटोमेशन का उपयोग विषय पर अपने विचार साझा करते हुए प्रतिभागियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। अंत में डॉ. रश्मि शर्मा द्वारा आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश