आयुर्वेद विश्वविद्यालय में पीएचडी व शोध कार्यों को लेकर लिए महत्वपूर्ण निर्णय

 


कुलगुरु की अध्यक्षता में अनुसंधान बोर्ड उपवेशन आयोजित

जोधपुर, 07 अक्टूबर (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल की अध्यक्षता मे अनुसंधान बोर्ड का उपवेशन आयोजित किया गया। उपवेशन में पीएचडी एवं शोध कार्यों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए गए।

बैठक में पीएचडी शोध कार्य के लिए शोध पर्यवेक्षक के रूप में मान्यता के लिए न्यूनतम अर्हताओं, संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों से प्राप्त शोध पर्यवेक्षक मान्यता संबंधी आवेदनों तथा विश्वविद्यालय से बाहर के विशिष्ट व्यक्तियों को शोध कार्य के लिए मार्गदर्शक बनाए जाने संबंधी प्रकरणों पर विचार किया गया।

इसके अतिरिक्त पीएचडी शोध कार्य में विषय व संकाय परिवर्तन, शोध प्रबंध के परीक्षकों के मध्य मतभेद से संबंधित प्रकरण, पीएचडी पाठ्यक्रम के शैक्षणिक एवं विकास शुल्क, शोध निधि निर्धारण तथा आईईसी बैठक में अनुमोदित शोध प्रस्तावों से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई।

बैठक में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेशित शोधार्थियों के पंजीयन एवं आवंटन से संबंधित प्रकरण पर भी कार्यवाही की गई। साथ ही विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता एवं मानकों को सुदृढ़ करने तथा पीएचडी कार्यक्रम के सुचारू संचालन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

उपवेशन में प्रो. गोविन्द प्रसाद गुप्ता, डॉ जयराम, डॉ शाहिद अली खान, प्रो. चन्दन सिंह, प्रो. हरीमोहन लाल मीणा, प्रो. योगेश्वरी गुप्ता, प्रो. शफीक नकवी, प्रो. एकलव्य बोहरा, प्रो. महेन्द्र शर्मा, प्रो. ए निलिमा, सदस्य सचिव एवं डीन रिसर्च प्रोफेसर देवेंद्र सिंह चाहर, प्रो दिनेश चंद्र शर्मा सहित विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश