आयुर्वेद अनुसंधान को नई पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में चला मंथन

 


जयपुर, 09 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय) में गुरुवार को कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा की अध्यक्षता में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में देशभर के आयुर्वेद, आधुनिक चिकित्सा, फार्माकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, वनस्पति विज्ञान, द्रव्यगुण, बायो-स्टेटिस्टिक्स तथा आईआईटी एवं अन्य शोध संस्थानों के विशेषज्ञों ने आयुर्वेद अनुसंधान को नई दिशा देने और गुणवत्तापूर्ण शोध परियोजनाओं पर मंथन किया।

बैठक में राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एविडेंस बेस्ड आयुर्वेद, क्लिनिकल रिसर्च, ड्रग डेवलपमेंट, इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, आधुनिक विज्ञान और आयुर्वेद के समन्वय तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से अनुसंधान अनुदान प्राप्त करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही ऐसे शोध कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, जिनसे आमजन को प्रत्यक्ष स्वास्थ्य लाभ मिले और आयुर्वेद के वैज्ञानिक प्रमाण और अधिक मजबूत हों।

कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य आयुर्वेद अनुसंधान को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना है। समिति के सुझावों से उच्च गुणवत्ता वाली शोध परियोजनाएं तैयार होंगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान को नई पहचान मिलेगी। बैठक में अनुसंधान परियोजनाओं के वैज्ञानिक मूल्यांकन, बहुविषयक सहयोग, नई तकनीकों के उपयोग, शोध गुणवत्ता, प्रकाशन, पेटेंट, नवाचार और युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्साहन जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञों ने सुझाव दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश