अब आसान होगा बिजली कनेक्शन: एक एमवीए तक स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा, 33 केवी तक निरीक्षण से छूट

 


जयपुर, 24 अप्रैल (हि.स.)। राज्य सरकार ने बिजली कनेक्शन और उत्पादन इकाइयों से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए बड़ा फैसला किया है। अब एक एमवीए तक की उत्पादन इकाइयों के लिए विद्युत निरीक्षक से अनिवार्य जांच की जरूरत नहीं होगी। उपभोक्ता स्वयं ही अपने प्लांट का सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने का स्व-प्रमाणीकरण कर सकेंगे। यह नई व्यवस्था केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के 2023 के विनियमों के तहत लागू की गई है और इसका उद्देश्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है।

ऊर्जा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सोलर, पवन सहित सभी नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से जुड़ी एक एमवीए तक की इकाइयों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। उपभोक्ता, परिसर का मालिक या आपूर्तिकर्ता स्वयं प्रमाणित कर सकेंगे कि उनका विद्युत संयंत्र निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है। हालांकि, इच्छुक उपभोक्ता विभागीय पोर्टल के माध्यम से विद्युत निरीक्षक से जांच भी करवा सकते हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विद्युत प्रतिष्ठान को तब तक कनेक्शन नहीं दिया जाएगा, जब तक स्व-प्रमाण पत्र या विद्युत निरीक्षक का प्रमाण पत्र विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जाता।

एक एमवीए से अधिक क्षमता वाली इकाइयों के लिए अब भी निरीक्षक से प्रमाणन अनिवार्य रहेगा।

इसी तरह 33 केवी तक के बिजली कनेक्शनों के लिए भी स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा दी गई है। यानी अब उपभोक्ता अपने प्रतिष्ठान की विद्युत फिटिंग को स्वयं प्रमाणित कर सकेंगे। हालांकि 33 केवी से अधिक वोल्टेज, ऊंची इमारतों (15 मीटर से अधिक), अस्पताल, मॉल, सिनेमा हॉल, सार्वजनिक स्थल और वीआईपी कार्यक्रमों से जुड़े स्थानों पर सुरक्षा जांच केवल विद्युत निरीक्षक द्वारा ही की जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत पूरी प्रक्रिया विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से उद्योगों और आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही जहां सुरक्षा आवश्यक है वहां सख्ती भी बरकरार रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित