जिला परिषद की 37 सीटों के लिए 173 अभ्यर्थियों ने भरे 177 नामांकन, भाजपा-कांग्रेस-बीएपी के दिग्गज मैदान में होने से त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

 








डूंगरपुर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के तहत डूंगरपुर जिला परिषद की 37 सीटों पर चुनावी तस्वीर उभरने लगी है। नामांकन के अंतिम दिन मंगलवार को भाजपा, कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के प्रत्याशियों ने पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरकर अपनी दावेदारी पेश की। पूर्व विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं के नामांकन से कई वार्डों में मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। जिला परिषद सदस्य पद के लिए अंतिम दिन तक 173 अभ्यर्थियों ने कुल 177 नामांकन पत्र प्रस्तुत किए।

मंगलवार को कलेक्ट्रेट में सुबह से ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की आवाजाही बनी रही। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी की निगाहें नामांकन पत्रों की संवीक्षा और नाम वापसी पर टिक गई हैं। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी, जबकि 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद चुनाव चिह्न आवंटित कर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।

भाजपा ने जिला परिषद चुनाव में अनुभवी चेहरों को मैदान में उतारकर अपनी दावेदारी मजबूत करने का प्रयास किया है। पूर्व विधायक देवेंद्र कटारा ने वार्ड संख्या 6 वेड़ से, सागवाड़ा की पूर्व विधायक अनिता कटारा ने वार्ड संख्या 21 भीलूड़ा से तथा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वेलजी भाई पाटीदार ने वार्ड संख्या 30 पूंजपुर से नामांकन दाखिल किया। वहीं, निवर्तमान जिला प्रमुख सूर्या अहारी के पति एवं सेवानिवृत्त पंचायत प्रसार अधिकारी बलवीर अहारी ने वार्ड संख्या 17 गलियाकोट से पर्चा भरा। नामांकन के दौरान सूर्या अहारी भी उनके साथ मौजूद रहीं। पूर्व विधायक अनिता कटारा ने कहा कि उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने जिला परिषद और पंचायत समितियों में भाजपा के प्रमुख एवं प्रधान बनने का दावा भी किया।

कांग्रेस ने भी अनुभवी नेताओं के जरिए चुनावी मुकाबले में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है। पूर्व विधायक पूंजीलाल परमार ने वार्ड संख्या 34 पुनाली से, पूर्व उप जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार ने वार्ड संख्या 31 नांदली अहाड़ा से तथा सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार नाथूलाल यादव ने वार्ड संख्या 27 साबला से नामांकन दाखिल किया। वहीं, पूर्व जिला प्रमुख रतन देवी भराड़ा ने वार्ड संख्या 5 गैंजी से, जबकि संजय परमार ने वार्ड संख्या 35 कोलखंडा से पर्चा भरा। कांग्रेस ने जिला परिषद की सभी 37 सीटों पर प्रत्याशी उतारकर चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।

भारत आदिवासी पार्टी ने जिला परिषद की सभी 37 सीटों पर प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मंगलवार को पार्टी के उम्मीदवार पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। आसपुर विधायक उमेश डामोर ने कहा कि पार्टी बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर पूर्व में जिला प्रमुख के चयन के दौरान एकजुट होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब विकास कार्यों का हिसाब मांग रही है।

बीएपी के सामान्य वर्ग प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चुण्डावत ने वार्ड संख्या 25 पाडवा से नामांकन दाखिल किया। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कांतिलाल रोत ने वार्ड संख्या 36 बिलड़ी से, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत वार्ड संख्या 35 कोलखंडा से तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक घोघरा वार्ड संख्या 37 मेताली से चुनाव मैदान में उतरे हैं। पार्टी नेताओं ने आदिवासी क्षेत्र की समस्याओं के साथ प्रदेशस्तरीय मुद्दों को भी चुनाव में प्रमुखता से उठाने की बात कही।

जिला परिषद की 37 सीटों के साथ प्रथम चरण में जिले की सात पंचायत समितियों में भी चुनाव होने हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों की वैधता की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 15 अक्टूबर को नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद ही प्रत्येक वार्ड में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी। इसके बाद चुनाव प्रचार जोर पकड़ेगा और राजनीतिक दल अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में जनसंपर्क अभियान तेज करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष