नशे का ग़ुलाम युवा स्वप्न में भी सुख का अनुभव नहीं कर सकता है- राजयोगिनी बी.के. कमल

 


बीकानेर, 18 अगस्त (हि.स.)। राजकीय डूंगर महाविद्यालय बीकानेर के नई किरण नशामुक्ति केंद्र द्वारा नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत “युवा व्यक्तित्व विकास एवं नशा मुक्ति जागरण” प्रताप सभागार में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बीकानेर स्थित राजयोग केंद्र की मुख्य प्रशासिका एवं राजयोगिनी बी.के.कमल एवं डॉ.संगीता सक्सेना मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रारंभ में नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के संयोजक डॉ. ज्यानी ने कहा कि नशा मनुष्य को विवेक शून्य बना देता है तथा मनुष्य की सोचने समझने की शक्ति नष्ट हो जाती है । युवा वर्ग नशे की चपेट में आकर अपराध की दुनिया में भी अग्रसर हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल महोदय द्वारा 10 अगस्त से 9 सितंबर,2026 तक राज्य में संस्थान से बाहर निकालकर समुदाय तक इस कार्यक्रम को लेकर जाने का आह्वान है । इसी की पालना में नई किरण नशा मुक्ति केंद्र , डूंगर महाविद्यालय बीकानेर इस मुहिम में 100 गांवो से जुड़कर शादी-मृत्यु इत्यादि के समय तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, शराब , अफीम इत्यादि को त्याग करवाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ.संगीता सक्सेना ने कहा कि युवाओं का अच्छा स्वास्थ्य ही अच्छे भविष्य का आधार है। इसलिए हमें अपने उत्तम स्वास्थ्य एवं भविष्य के लिए नशे से दूर रहना चाहिए । उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच एवं तनावमुक्त जीवन के लिए नशीले पदार्थों से बचना ही उपाय है ।अपनी असीम ऊर्जा को आपको अपनी सकारात्मक रुचियों की तरफ़ उन्मुख करना चाहिए।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बीकानेर राजयोग केंद्र की प्रशासिका एवं राजयोगिनी बी.के कमल ने सशक्त, स्वस्थ एवं विकसित भारत के लिए युवाओं को ग़लत आदत, मिथ्या आकर्षण, बुरे नशे से दूर रहने की सीख दी तथा उन्होंने कहा कि हम देश की स्वतंत्रता का वास्तविक आनंद तभी ले पायेंगे जब देश का युवा एवं प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ , शिक्षित एवं सशक्त होने की ओर अग्रसर होगा।

कार्यक्रम में वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. विक्रमजीत ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि नशे से दूर रहना ही श्रेयस्कर है । उन्होंने आचार्य चाणक्य के कथन को उद्धृत करते हुए कहा कि युवावस्था में नशे की गिरफ्त में आने से यौवन के साथ व्यक्तित्व का भी पतन होना अवश्यंभावी है । सजग युवाओं का कर्तव्य है कि वे अपने विवेकहीन साथियों को इस चंगुल में फंसने से रोकें तथा समाज एवं देश को स्वस्थ एवं विकसित होने में आहुति दें ।उन्होंने युवाओं को सुसंग में रहने एवं अपने साथियों को कुसंग से बचाने की प्रेरणा दी।

इस कार्यक्रम में डॉ. बिंदु भसीन, डॉ.अनीता गोयल, डॉ.कैलाश स्वामी, डॉ.सुनीता गोयल डॉ.महावीर सियाग , डॉ. पूनम बोला, डॉ.पूजा चौधरी,डॉ.विजय प्रकाश, डॉ. सुखराम, डॉ. महेंद्र सिंह एवं अनेक विद्वान संकाय सदस्य तथा सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन डॉ.रविकांत व्यास ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव