एपीके फाइल डाउनलोड करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता

 


जयपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। बिजली-गैस बिल, आरटीओ ई-चालान, बैंक या सिम की केवाईसी अपडेट, कूरियर और सरकारी योजनाओं के नाम पर भेजे जा रहे फर्जी मैसेज साइबर ठगी का नया हथियार बन गए हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को ऐसे मैसेज के साथ आने वाली .एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर ठग फर्जी लिंक या मैसेज के जरिए मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल करवा लेते हैं। इसके बाद उन्हें एसएमएस, कॉल लॉग, कॉन्टेक्ट्स और अन्य डेटा तक पहुंच मिल सकती है। कई मामलों में फर्जी ऐप बैंक से संबंधित ओटीपी भी ठगों तक पहुंचा देता है, जिससे बैंक खाते और यूपीओई से रकम उड़ाई जा सकती है। संक्रमित मोबाइल से उसके कॉन्टेक्ट्स को भी फर्जी मैसेज भेजे जा सकते हैं।

राजस्थान पुलिस ने सलाह दी है कि ऐप केवल अधिकृत ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और गूगल प्ले प्रोटेक्ट चालू रखें। एसएमएस या सोशल मीडिया से मिले अनजान लिंक अथवा एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। मोबाइल में 'अनजान ऐप्स इंस्टॉल करें' विकल्प बंद रखें और अनजान स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें। ऐप को अनावश्यक एसएमएस, कॉन्टेक्ट्स या गैलरी की अनुमति भी न दें। व्हाट्सऐप में टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय रखने और मीडिया ऑटो-डाउनलोड बंद रखने की सलाह दी गई है।

आरटीओ ई-चालान की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें। संदिग्ध एपीके डाउनलोड होने पर एंटीवायरस से मोबाइल स्कैन कर फाइल को हटाएं या क्वारंटीन करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश