योग—ध्यान और आत्मचिंतन से मिला आंतरिक शांति का संदेश
जयपुर, 27 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की श्रृंखला में शनिवार को शास्त्री नगर स्थित सोवेनियर पिपरमिंट होटल में आयोजित 'स्पिरिचुअल रिट्रीट : ए जर्नी विदिन' में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भाग लेकर योग, हीलिंग मेडिटेशन और माइंडफुलनेस का अनुभव किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन रजनी भार्गव और हेमंत भार्गव ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को ध्यान, श्वास अभ्यास और माइंडफुलनेस के विभिन्न सत्रों के माध्यम से आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया। कार्यक्रम की मेजबानी डॉ. आशीष गौड़ और डॉ. अलका गौड़ ने की।
मुख्य अतिथि सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण जीवनशैली में योग, ध्यान और आध्यात्मिक जागरूकता स्वस्थ एवं संतुलित समाज की आवश्यकता बन गई है। ऐसे आयोजन लोगों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रिट्रीट के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत व्यक्ति के भीतर से होती है। मन शांत होने पर व्यक्ति स्वयं को बेहतर ढंग से समझ पाता है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। प्रतिभागियों ने हीलिंग मेडिटेशन, आत्मचिंतन और माइंडफुलनेस के अभ्यास में सक्रिय सहभागिता की तथा नियमित रूप से योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. आशीष गौड़ और डॉ. अलका गौड़ ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यक्ति जब स्वयं के लिए समय निकालता है, तभी वह जीवन को बेहतर ढंग से जी पाता है। ध्यान और माइंडफुलनेस आत्मविश्वास, मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्राप्त करने के प्रभावी माध्यम हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश